ग्रेट निकोबार परियोजना के खिलाफ राहुल गांधी ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
क्या है खबर?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में केंद्र सरकार की ग्रेट निकोबार परियोजना के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को लोगों से इस अभियान में जुड़ने और परिजोजना का विरोध कर 'प्राकृतिक धरोहर' को बचाने का आह्वान किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने लोगों से एक्स पर QR कोड स्कैन कर याचिका पर हस्ताक्षर करने या फिर https://rahulgandhi.in/nicobar-matter वेबसाइट पर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।
अभियान
#GreenOverGreed हैशटैग चलाकर अभियान
राहुल ने एक्स पर याचिका पर हस्ताक्षर कर अपना प्रमाणपत्र साझा कर लिखा, 'मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं। अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है। मेरे साथ जुड़िए- याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।' राहुल ने सोशल मीडिया पर #GreenOverGreed हैशटैग अभियान भी चलाया है।
परियोजना
क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?
केंद्र सरकार ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत ग्रेट निकोबार द्वीप को एक वैश्विक समुद्री और व्यापारिक हब में बदलना चाहती है। इसके लिए करीब 72,000 से 82,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत 166.10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र (द्वीप के करीब 16 प्रतिशत हिस्से) में एक ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह, एक बिजली संयंत्र, एक हवाई अड्डा और एक नया शहर विकसित किया जाएगा। कुछ अनुमानों के अनुसार, परियोजना की लागत 92,000 करोड़ रुपये तक जा सकती है।
विरोध
राहुल क्यों कर रहे इसका विरोध?
पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण परियोजना का विरोध हो रहा है। यहां करीब 160 वर्ग किलोमीटर में स्थित लाखों पुराने पड़े काटे जाएंगे, जो विरासत के तौर पर देखे जाते हैं। जहां बंदरगाह प्रस्तावित है, वह विलुप्तप्राय 'विशाल लेदरबैक समुद्री कछुओं' के घोंसले बनाने का अहम ठिकाना है। यहां निकोबार मेगापोड और खारे पानी के मगरमच्छ और 20,668 प्रवाल भित्तियां (कोरल रीफ) कॉलोनियों की पहचान हुई है। इनमें से 16,150 कॉलोनियां स्थानांतरित होंगी। आदिवासी जनजाति सुरक्षा की भी चिंता है।
ट्विटर पोस्ट
राहुल गांधी ने की अपील
मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 5, 2026
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई… pic.twitter.com/vcE9T4uyaM