लाल किले से राहुल गांधी और खड़गे ने बनाई दूरी, क्या प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ?
क्या है खबर?
दिल्ली के लाल किले पर आयोजित भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से एक बार फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दूरी बना ली। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और खड़गे प्रोटोकॉल के उल्लंघन के कारण समारोह में भाग नहीं लिया। इंडिया टुडे और न्यूज18 के मुताबिक, उनके बैठने की व्यवस्था और अन्य औपचारिक प्रोटोकॉल उनके पदों के अनुरूप नहीं थे, जिसके कारण वे समारोह में नहीं आए।
व्यवस्था
क्या है विवाद?
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल और खड़गे को इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उनकी बैठने की व्यवस्था आधिकारिक वरीयता क्रम के अनुसार की जाएगी।
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री के समकक्ष होता है।
बताया जा रहा है कि खड़गे को दूसरी या तीसरी पंक्ति में सीट दी गई थी और उनके लिए कार्यक्रम स्थल तक पैदल जाना असुविधाजनक था।
विवाद
2024 में हुआ था राहुल का अपमान?
2024 में नेता प्रतिपक्ष बनने वाले राहुल को उस साल 15 अगस्त के कार्यक्रम में लाल किले पर आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनको पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया।
इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आगे की पंक्तियां ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए आरक्षित थी और उसी अनुसार बैठने की व्यवस्था हुई थी।
इसके बाद 2025 में राहुल और खड़गे ने कार्यक्रम से दूरी बना ली थी।
कार्यक्रम
कांग्रेस मुख्यालय में फहराया गया तिरंगा, वंदे मातरम का गायन
कांग्रेस नेता लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, लेकिन पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में झंडा रोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस मौके पर खड़गे ने तिरंगा फहराया और पहली बार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पूरा गाया गया। कार्यक्रम में सोनिया गांधी और राहुल भी शामिल थे।
इसके बाद मुख्यालय में एक विशेष नाट्य प्रस्तुति का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रमुख नेता शामिल थे।
कांग्रेस के पुराने अकबर रोड स्थित कार्यालय पर अजय माकन ने झंडा फहराया।