प्रियंका गांधी ने संसद में किसे कहा गौ-मूत्र विशेषज्ञ, जो प्रधानमंत्री की पेपर-लीक कमेटी में हैं?
क्या है खबर?
लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक के खिलाफ लाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर बहस के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी अलग अंदाज में दिखीं। उन्होंने नए कार्यवाहक शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के एक पुराने बयान को याद दिलाकर हंगामा खड़ा कर दिया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई उच्च-स्तरीय कार्य बल समिति पर भी सवाल उठाया। प्रियंका ने समिति में शामिल एक सदस्य को गौ-मूत्र विशेषज्ञ तक कहा, जानिए, कौन हैं वो?
बयान
पहले जानिए, प्रियंका ने प्रधानमंत्री की समिति को लेकर क्या कहा?
केरलम के वायनाड से सांसद प्रियंका ने कहा, "आज हम सदन में एक ऐसे विधेयक संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो 2024 में पारित हो चुका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चाई से दूर हो चुके हैं। उन्हें समझना होगा कि सिर्फ नई-नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा। जहां राधाकृष्णन कमेटी की आज तक एक सिफारिश लागू नहीं हुई, वहीं नई कमेटी में एक पूर्व IB चीफ, एक IT कंपनी के मालिक और एक गौ-मूत्र विशेषज्ञ भी हैं।"
समिति
किस समिति की बात कर रही हैं प्रियंका गांधी?
दरअसल, NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली समेत देशभर में उठे छात्र आंदोलन के तूफान को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक उच्च स्तरीय कार्य बल का ऐलान किया है।
यह समिति इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में बनाई गई है, जिसमें एस सोमनाथ, वी कामाकोटी, तपन डेका, अमृत लाल मीणा और अनीता करवाल शामिल हैं।
कार्य बल का उद्देश्य पेपर लीक को रोकने के साथ पूरी परीक्षा प्रणाली को आधुनिक, मजबूत और सुरक्षित बनाना है।
पहचान
कौन हैं समिति में शामिल गौ-मूत्र विशेषज्ञ?
प्रियंका का इशारा समिति में शामिल IIT मद्रास के निदेशक वी कामाकोटी की तरफ था, जो गौ-मूत्र को लेकर ऐसा बयान दे चुके हैं, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
उन्होंने चेन्नई में 15 जनवरी, 2025 को आयोजित 'गो संरक्षण शाला' कार्यक्रम में एक संन्यासी की कहानी सुनाई थी, जो गो-मूत्र (गाय का मूत्र) का सेवन करने के बाद तेज बुखार से ठीक हो गया था।
उनके बयान के बाद काफी आलोचना हुई थी, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी थी।
बयान
क्या बोले थे वी कामाकोटी?
कामाकोटी ने कार्यक्रम में कहा था, "एक प्रख्यात संन्यासी को बुखार हो गया। उन्हें डॉक्टर को बुलाने का सुझाव दिया गया...मुझे उस संन्यासी का नाम याद नहीं है। उन्होंने तुरंत गोमूत्र पीने की बात कही। तुरंत गोमूत्र लाया गया और उन्होंने उसे बड़ी आसानी से पी लिया। इसके बाद 15 मिनट में ही उनका बुखार उतर गया। इसलिए, जीवाणुरोधी, कवकनाशी, पाचन संबंधी समस्याओं और चिड़चिड़ी आंत्र सिंड्रोम जैसी कई समस्याओं के लिए गोमूत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि है।"
ट्विटर पोस्ट
प्रियंका गांधी का बयान
आज हम सदन में एक ऐसे विधेयक संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो 2024 में पारित हो चुका था।
— Congress (@INCIndia) July 28, 2026
इसमें मुख्य संशोधन यही है कि पेपर लीक के अपराधियों के लिए सजा बढ़ाई जाएगी, लेकिन जब से ये विधेयक पारित हुआ है सरकार ने एक भी अपराधी को सजा नहीं दी।
देश देख रहा है कि Face Recognition के जरिए… pic.twitter.com/iHzkqD4T7M
पहचान
कौन हैं वी कामाकोटी?
कामाकोटी तमिलनाडु के चेन्नई में जन्में हैं। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में BE और IIT मद्रास से कंप्यूटर विज्ञान PhD किया है।
जनवरी 2022 से IIT मद्रास के निदेशक कामाकोटी पेपर लीक को लेकर अकादमिक और अनुसंधान समुदाय का नेतृत्व करेंगे।
वे परीक्षा प्रणाली में AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल निगरानी को बेहतर बना सकते हैं।
कामाकोटी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। वे वाणिज्य मंत्रालय की AI टास्क फोर्स की अध्यक्षता कर चुके हैं।