
क्या भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलने पर प्रधानमंत्री बनेंगे गडकरी? जानें राजनाथ सिंह का जवाब
क्या है खबर?
राजनीतिक हलकों में अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि क्या भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलने की सूरत में भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं और अगर वह नहीं तो और कौन प्रधानमंत्री बनेगा।
इस सवाल के जवाब में जिस एक नेता का नाम सबसे ज्यादा उछलता है, वह हैं नितिन गडकरी।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह से हालिया इंटव्यू में जब ऐसी संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने क्या कहा, आइए जानते हैं।
जवाब
राजनाथ ने संभावनाओं को बताया ख्याली पुलाव
दरअसल, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने समाचार एजेंसी ANI को इंटव्यू दिया है।
इसी इंटव्यू में उनसे बहुमत न मिलने की सूरत में गडकरी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया है।
इसके जवाब में उन्होंने कहा, "यह सभी काल्पनिक स्थितियां हैं। ये ख्याली पुलाव हैं और कुछ नहीं। हमें पूर्ण बहुमत बल्कि बल्कि दो तिहाई बहुमत मिलेगा और मोदी जी प्रधानमंत्री बनेंगे। इसके कोई संदेह नहीं है।"
ट्विटर पोस्ट
भाजपा को मिलेगा दो तिहाई बहुमत- राजनाथ सिंह
Home Minister Rajnath Singh on reports that he or Gadkari can be PM if BJP fails to get full majority: These are all imaginary situations; it is ‘khyali pulao’ and nothing else. We will get clear majority or even 2/3rd, the PM will be Modi ji,no doubt about that pic.twitter.com/HhuWeFmiC2
— ANI (@ANI) April 9, 2019
जानकारी
राजनाथ खुद भी रेस में शामिल
रोचक बात ये है गठबंधन की सरकार में प्रधानमंत्री बनने की रेस में जिन नेताओं का नाम आता है, उनमें राजनाथ खुद भी शामिल हैं। राजनाथ भाजपा और सरकार दोनों में अहम स्थान रखते हैं और 2014 चुनाव के समय भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं।
कारण
क्या है इन संभावनाओं का आधार?
इन सारी संभावनाओं के पीछे मोदी-शाह की जोड़ी के काम करने के तरीको को सबसे अहम कारण माना जाता है।
दोनों ही अपने सहयोगियों पर भी लगाम कसकर रखने के लिए जाने जाते हैं।
माना जाता है कि उन्होंने गुजरात से लेकर केंद्र तक बहुमत की सरकार चलाई है और उनमें सहयोगियों को साथ लेकर चलने का हुनर नहीं है।
इसीलिए अगर पूर्ण बहुमत नहीं आया तो भाजपा के अन्य सहयोगी मोदी ने नाम पर समर्थन नहीं देंगे।
जानकारी
धारणाओं को गलत साबित कर रहे हैं मोदी-शाह
मौजूदा चुनाव में शिवसेना और JDU जैसे सहयोगियों को दिल खोल कर सीट देकर मोदी-शाह ने इन धारणाओं को खारिज किया है कि वह विरोधियों को साथ लेकर नहीं चल सकते। बल्कि इसके उलट उनके साथ आज लगभग 30 से अधिक पार्टियां हैं।
गडकरी के संबंध
गडकरी की RSS में गहरी पैठ
ऐसी स्थिति में भाजपा को एक ऐसे चेहरे की जरूरत होगी जो सहयोगियों को साथ लेकर चल सके और इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को माहिर माना जाता है।
सहयोगियों को साधने के अलावा गडकरी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में भी गहरी पैठ है और वह नागपुर से ही चुनाव लड़ते हैं।
RSS भाजपा के किसी भी फैसले को सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है और यह पहुंच जरूरत पड़ने पर उनके काम आ सकती है।
अन्य कारण
कारोबारियों और मीडिया के बीच भी गडकरी की पहुंच
इसके अलावा गडकरी विरोधी पार्टियों में से भी कुछ को अपनी तरफ मिलाने की क्षमता रखते हैं।
खुद एक कारोबारी गडकरी इस क्षेत्र में भी तगड़ी पैठ रखते हैं। उनके मीडिया से संबंध भी अच्छे माने जाते हैं।
इसका मतलब हुआ गडकरी के पास राजनीतिक समर्थन से लेकर बिजनस और मीडिया लॉबी तक वो सारी क्षमताएं मौजूद हैं, जो उन्हें देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचा सकती हैं।
इसी कारण उनका नाम अक्सर प्रधानमंत्री की रेस में उछलता रहता है।