प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट के साथ साढ़े 4 घंटे बैठक, बोले- विकसित भारत सिर्फ नारा नहीं
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट के साथ साढ़े 4 घंटे की बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और 'विकसित भारत' को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने शासन सुधार, प्रशासनिक दक्षता, सरकार के दीर्घकालिक 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण और चल रहे पश्चिम एशिया संकट के संभावित परिणामों पर बात की। मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से साफ कहा कि इसे सिर्फ एक नारे के रूप में नहीं देखें बल्कि एक प्रतिबद्धता के रूप में देखकर काम करें।
चर्चा
9 मंत्रालयों ने अपनी प्रस्तुति दी
सेवा तीर्थ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में हुई बैठक के दौरान कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य और विद्युत समेत 9 प्रमुख मंत्रालयों ने अपने कार्यों की रिपोर्ट पेश की। उन्होंने अपने प्रदर्शन और भविष्य की कार्य योजनाओं को बताया। मोदी ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों को बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए। बैठक को सरकार के समग्र कामकाज की समीक्षा के रूप में देखा गया। इसमें 30 केंद्रीय मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री शामिल हुए।
निर्देश
फाइलें इधर से उधर न जाएं- मोदी
बैठक में कैबिनेट सचिव और नीति आयोग ने भी प्रस्तुतियां दीं। मोदी ने लालफीताशाही को खत्म करने और सरकार के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के अपने पहले के निर्देश को दोहराया। उन्होंने कहा कि फाइलें एक मेज से दूसरी मेज पर नहीं लटकनी चाहिए और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए। मोदी ने पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों का पर्याप्त रूप से प्रसार करने और प्रतिक्रिया तंत्र को भी और अधिक प्रभावी बनाए जाने को कहा है।
महत्व
संकट के समय बैठक का महत्व
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां उभरी हैं। देश में ऊर्जा संकट को लेकर विपक्ष केंद्र पर हावी है और प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की अपील पर उनको घेर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 9 जून को तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ से पहले पूर्ण कैबिनेट बैठक ली है। इससे पहले उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बैठक ली थी।
बयान
मोदी ने बैठक के बाद क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सुबह एक्स पर कैबिनेट बैठक की एक तस्वीर साझा कर उसे सार्थक बताया। उन्होंने लिखा, 'कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने जीवन की सुगमता और व्यापार करने की सुगमता को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया, और इस बात पर चर्चा की कि 'विकसित भारत' के हमारे साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को और आगे कैसे बढ़ाया जाए।'