मद्रास हाई कोर्ट से स्टालिन को झटका, EVM सत्यापन में अनियमितताओं के आरोप वाली याचिका खारिज
क्या है खबर?
मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (DMK) प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी। स्टालिन ने कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में इस्तेमाल की गई EVM के चुनावोत्तर सत्यापन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की पीठ ने फैसला सुनाया कि स्टालिन की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
सुनवाई
क्या है मामला?
तमिलनाडु चुनाव में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के वीएस बाबू ने कोलाथुर से स्टालिन को हराया था।
बाद में स्टालिन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तंत्र के तहत निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद 286 EVM में 5 प्रतिशत यानी 14 EVM के सत्यापन की मांग की।
चुनाव परिणाम 4 मई को आया और स्टालिन ने निर्धारित अवधि के भीतर 7 मई को सत्यापन के लिए आवेदन किया। हालांकि, सत्यापन 29 जुलाई को शुरू हुआ।
इसके बाद उन्होंने याचिका दायर की।
सुनवाई
चुनाव आयोग ने क्या दिया तर्क?
चुनाव आयोग ने याचिका पर आपत्ति उठाते हुए तर्क दिया कि संविधान का अनुच्छेद-329(ख) न्यायालयों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत चुनाव याचिका के अलावा अन्य माध्यम से चुनाव को चुनौती देने से रोकता है।
आयोग ने कहा कि स्टालिन की याचिका चुनाव पर सवाल उठाने का प्रयास है। आयोग ने प्रस्तुत किया कि वैधानिक योजना चुनाव को चुनौती देने के उपाय के रूप में चुनाव याचिका का प्रावधान करती है।