ED समन के बाद ममता के पुराने साथी मदन मित्रा TMC छोड़कर बागी गुट में शामिल
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। उनके पुराने साथी और विधायक मदन मित्रा बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर ऋतब्रता बनर्जी के बागी गुट में शामिल हो गए। उन्होंने यह कदम तब उठाया, जब एक दिन पहले ही भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी पत्नी और 2 बेटों को पूछताछ के लिए समन भेजा था। मित्रा ने TMC छोड़ने के पीछे महासचिव अभिषेक बनर्जी को कारण बताया है।
बयान
क्या बोले मदन मित्रा?
ममता के नेतृत्व वाली बंगाल सरकार में मंत्री रहे मित्रा ने कहा कि वह चाहते थे कि ममता के भतीजे अभिषेक 6 महीने के लिए पद छोड़ दें, जब उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
मित्रा ने ऋतब्रता के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैंने सभी पदों से इस्तीफा दिया है। हालांकि, विधायक बना रहूंगा। मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज छोड़ दी है। इसका मतलब मैं अब व्यावहारिक रूप से TMC विधायक नहीं हूं।"
जांच
किस मामले में फंसे हैं मित्रा?
मित्रा के खिलाफ बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच चल रही है। जांच में वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।
कुछ हफ्ते पहले ED ने कोलकाता के भवानीपुर और कालीघाट स्थित उनके आवास समेत आसपास मित्रा से जुड़े 7 परिसरों पर एक साथ तलाशी ली थी।
अक्टूबर 2025 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मित्रा के आवास की तलाशी ले चुकी है। यह मामला CBI ने दर्ज किया है।
ट्विटर पोस्ट
मदन मित्रा का बयान
Lni News🔷@lninewsagency
— LNI One (@lninewsagency) July 15, 2026
🔹पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने कथित तौर पर ऋतव्रत गुट का समर्थन करते हुए कालीघाट तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को टीएमसी के भीतर बढ़ती अंदरूनी खींचतान से… pic.twitter.com/RDW2t4jOAm
स्थापना
TMC की स्थापना से जुड़े थे मित्रा
मित्रा वर्ष 1998 में TMC की स्थापना के साथ ही ममता बनर्जी से जुड़ गए थे। उससे पहले वह कांग्रेस और युवा कांग्रेस में सक्रिय थे।
उनको ममता ने वर्ष 2000 में TMC महासचिव बनाया था। वे 2004 में तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।
वर्ष 2011 में कामरहाटी विधानसभा से पहली बार विधायक बने और ममता सरकार में परिवहन और खेल विभाग संभाला था।
उनके ऊपर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।