किरेन रिजिजू ने किया राहुल गांधी पर पलटवार, इस्लामिक कट्टरपंथियों के साथ की तुलना
क्या है खबर?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी ताकतों के सहारे सत्ता में बने रहने के कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोप पर तीखा पलटवार किया है। रिजिजू ने राहुल के बयानों की तुलना धर्मनिरपेक्षता की बातें करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथियों और भारतीय ध्वज थामने वाले अलगाववादियों से की है। इसी तरह उन्होंने राहुल द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस के लिए दी गई चुनौती को भी खारिज कर दिया।
बयान
रिजिजू ने क्या दिया बयान?
राहुल पर पलटवार करते हुए रिजिजू ने उन पर भारत के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि दूसरों पर विदेशी मदद लेने का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाना है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'यह वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्म निरपेक्षता की बात करते हैं, अलगाववादी भारतीय झंडे पकड़े रहते हैं और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाते हैं। उच्च स्तरीय बहस समझदार और परिपक्व लोगों के बीच होती हैं।"
शुरुआत
कैसे हुई इस विवाद की शुरुआत?
इस बड़े राजनीतिक विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात दौरे पर एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिए गए एक भाषण से हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि अफवाहें फैलाने और देश की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया का हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
हमला
राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर बोला हमला
इसके बाद राहुल ने सोमवार को एक्स पर लिखा था, 'नरेंद्र मोदी जी, देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं। आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से संचालित हो रही है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ है। मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए।'