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प्रियांक खड़गे ने मोहन भागवत को पत्र लिखकर RSS की जानकारी मांगी, भागवत ने जवाब दिया
प्रियांक खड़गे ने मोहन भागवत को पत्र लिखकर RSS की जानकारी मांगी

प्रियांक खड़गे ने मोहन भागवत को पत्र लिखकर RSS की जानकारी मांगी, भागवत ने जवाब दिया

लेखन गजेंद्र
Jun 15, 2026
07:45 pm

क्या है खबर?

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर उनसे मान्यता, पंजीकरण और खर्च का ब्यौरा मांगा है। खड़गे ने भागवत 2 पन्नों के पत्र में लिखा कि RSS की कर्नाटक में महत्वपूर्ण उपस्थिति है और इतने बड़े संगठन को कानूनी निगरानी से बाहर नहीं रखा जा सकता है। गृह मंत्री के पत्र पर भागवत ने पलटवार करते हुए कहा कि RSS को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

मांग

खड़गे ने पत्र में क्या लिखा?

खड़गे ने लिखा, "RSS को 100 साल पूरे होने पर बधाई। संगठन जो 60,000 से ज़्यादा शाखाओं और करोड़ों स्वयंसेवकों का दावा करता है, उसे पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही का पालन करना चाहिए। राज्य में RSS की 4,127 शाखाएं, 1,389 साप्ताहिक मिलन, 60 मासिक मंडलियां और 2,194 समाजोत्सव हैं। साथ ही, 2.21 लाख वर्दीधारी प्रतिभागियों के साथ 562 मार्च हुए। ऐसे में RSS को कानूनी स्थिति, रजिस्ट्रेशन, पदाधिकारियों, फंडिंग, खर्च-टैक्स, सार्वजनिक गतिविधियों के लिए अनुमति के बारे में बताना चाहिए।"

सवाल

खड़गे ने 8 बिंदुओं पर जानकारी मांगी

खड़गे ने लिखा कि अगर नागरिकों, मजदूरों, मंदिरों, संगठनों से पंजीकरण की उम्मीद होती है तो RSS को छूट क्यों मिलनी चाहिए। उन्होंने जिन 8 बिंदुओं पर भागवत से जानकारी मांगी है, उसमें कानूनी स्थिति की जानकारी देने, पदाधिकारियों का विवरण देने, आय के स्त्रोत बताने, खर्च-संपत्ति का ब्योरा देने, टैक्स की जानकारी शामिल है। खड़गे ने RSS को संविधान का पालन करने, रजिस्ट्रेशन कराने, जानकारी देने और संविधान के दायरे में पारदर्शिता से काम करने की बात कही है।

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जवाब

भागवत ने दिया जवाब?

केरलम में आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि भारत में कई संगठन बिना पंजीकरण के काम करते हैं और हिंदू धर्म स्वयं पंजीकृत नहीं है। उन्होंने कहा, "कई चीजें पंजीकृत नहीं हैं, यहां तक ​​कि हिंदू धर्म भी। जिन्हें सरकार से फंड चाहिए होता है, वे पंजीकरण कराते हैं। सरकार को हमारे अस्तित्व के बारे में पता है, उसने पहले भी 2 बार हम पर बैन लगाया है। यह सब राजनीतिक हथकंडे हैं। हमें इसकी आदत है।"

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ट्विटर पोस्ट

प्रियांक खड़गे का पत्र

ट्विटर पोस्ट

मोहन भागवत का जवाब

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