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कर्नाटक: डीके शिवकुमार की कैबिनेट में विभाग बंटवारे से रामलिंगा रेड्डी नाराज, मंत्री पद से इस्तीफा
डीके शिवकुमार की कैबिनेट से रामलिंगा रेड्डी ने इस्तीफा दिया

कर्नाटक: डीके शिवकुमार की कैबिनेट में विभाग बंटवारे से रामलिंगा रेड्डी नाराज, मंत्री पद से इस्तीफा

लेखन गजेंद्र
Jun 05, 2026
11:52 am

क्या है खबर?

कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कामकाज संभालते ही डीके शिवकुमार को भारी झटका लगा है। उनकी कैबिनेट में शामिल रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वह विभाग बंटवारे से नाराज बताए जा रहे हैं। नई कैबिनिट में उनको वृहद और मध्यम सिंचाई विभाग दिया गया था। रेड्डी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह विधायक के तौर पर काम करते रहेंगे, लेकिन कैबिनेट में नहीं रहेंगे।

इस्तीफा

बेंगलुरु शहरी विकास विभाग मांग रहे थे रेड्डी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में 8 बार के विधायक रेड्डी मुख्यमंत्री शिवकुमार से बेंगलुरु शहरी विकास विभाग मांग रहे थे, ताकि राज्य समेत राजधानी की विकास परियोजनाओं में उनका सीधा हस्तक्षेप हो सके। शिवकुमार ने उनकी इच्छा को दरकिनार करते हुए ब्याटरायनपुरा के विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा को बेंगलुरु शहरी विकास विभाग दे दिया, जिससे रेड्डी बुरी तरह नाराज हो गए। उन्होंने शुक्रवार को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने इस्तीफे की घोषणा की है।

बयान

मैं कांग्रेस पार्टी में रहूंगा- रेड्डी

रेड्डी ने मीडिया से कहा, "मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में हूं, मैंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। मैं पिछले 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। मैंने पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली और एसएम कृष्णा समेत कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। मैंने कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।" सिद्धारमैया की सरकार में रेड्डी परिवहन मंत्री थे। वह गृह मंत्री भी रह चुके हैं।

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ट्विटर पोस्ट

रेड्डी ने दिखाया अपना इस्तीफा

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बयान

डीके ने किया था वादा- रेड्डी

रेड्डी ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री का पदभार संभालने से पहले डीके शिवकुमार उनके घर गए थे और उनसे कहा था कि वह उनको बेंगलुरु का पोर्टफोलियो देंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से किसी पोर्टफोलियो की मांग नहीं की थी, उन्होंने खुद ही यह प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया था। रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें 2 बार पोर्टफोलियो देने का वादा किया था, लेकिन बाद में सिंचाई विभाग दे दिया, जो उन्हें स्वीकार नहीं।

बयान

डीके बोले- गांव में काम नहीं करना चाहते रेड्डी

मामले पर मुख्यमंत्री शिवकुमार का बयान आया है। उन्होंने बेंगलुरु में श्री अन्नम्मा देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद पत्रकारों से कहा, "रामलिंगा रेड्डी मेरे सहयोगी और सीनियर नेता हैं। उन्होंने कहा कि वह गांव जाकर काम नहीं कर सकते। उन्हें कोई और मंत्री पद चाहिए। मैं रेड्डी से बात कर सब ठीक कर दूंगा। चिंता की कोई बात नहीं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। कैबिनेट में हम सबसे करीबी दोस्त हैं। हम इस समस्या को सुलझा लेंगे।"

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