लोकसभा में DMK ने बनाई कांग्रेस से दूरी, सांसद कनिमोझी ने जगह बदलने की मांग की
क्या है खबर?
तमिलनाडु के चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपने सहयोगियों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को लोकसभा में DMK की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के सांसदों की जगह बदलने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन खत्म हो गया है, ऐसे में सदन में उनके सांसदों का मौजूदा बैठने की व्यवस्था में बना रहना सही नहीं होगा।
पत्र
बैठने का अलग इंतजाम करने की मांग
थूथुक्कुडी से सांसद कनिमोझी ने पत्र में लिखा, "मैं लोकसभा में DMK के सांसदों के बैठने की व्यवस्था में सही बदलाव करने का अनुरोध करती हूं। बदले हुए राजनीतिक हालात को देखते हुए कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन खत्म हो गया है, इसलिए हमारे सदस्यों के लिए सदन में उनके साथ मौजूदा बैठने की व्यवस्था में बने रहना सही नहीं। मैं निवेदन करती हूं कि DMK संसदीय पार्टी के सदस्यों के बैठने के लिए अलग जगह देने का इंतजाम करें।"
नाराजगी
TVK को समर्थन देने से नाराज DMK
तमिलनाडु के चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की नई पार्टी TVK ने 234 में से 108 सीटें जीती हैं। उसे बहुमत के लिए कुल 118 सीटें चाहिए। कांग्रेस ने उसे अपने 5 सांसदों का समर्थन दिया है। साथ ही, DMK के साथ गठबंधन में शामिल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) ने भी अपने 2-2 विधायकों का समर्थन दिया है। इससे DMK नाराज है। उसने कांग्रेस को धोखेबाज तक कहा है।
व्यवस्था
लोकसभा में बैठने की क्या है व्यवस्था?
लोकसभा में स्पीकर के दाएं हाथ पर सत्ता पक्ष और बाएं हाथ पर विपक्षी सांसद बैठते हैं। विपक्ष में जिस पार्टी के सांसद सबसे अधिक होंगे वे सबसे आगे की पंक्ति में होते हैं। कांग्रेस के पास 99, समाजवादी पार्टी के पास 37, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पास 29 और DMK के पास कुल 22 सांसद हैं। ऐसे में DMK के सांसद उसी के क्रमानुसार बैठते हैं। अब उनको कुछ पंक्ति में पीछे किया जा सकता है।