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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पास, भाजपा का वॉकआउट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पास

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पास, भाजपा का वॉकआउट

लेखन गजेंद्र
Sep 28, 2026
05:09 pm

क्या है खबर?

जम्मू-कश्मीर की विधानसभा ने सोमवार को भाजपा विधायकों के कड़े विरोध के बीच केंद्र शासित प्रदेश को तत्काल प्रभाव से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कर दिया। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पेश किया था, जिसका राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भाजपा ने विरोध किया। इस दौरान उसके विधायक सदन से बाहर चले गए। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर द्वारा इसे अनुमति देने के तरीके पर सवाल उठाया।

प्रस्ताव

भाजपा विधायकों ने कार्यसूची फाड़ी

प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाजपा के विधायक सदन के वेल में चले गए और कार्यसूची फाड़ दी।

विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने का समर्थन करती है, लेकिन जम्मू-कश्मीर की 5 अगस्त, 2019 से पहले की स्थिति के संदर्भों से असहमत है।

प्रस्ताव में 10 संशोधन पेश किए, जिनमें 8 का उद्देश्य इसे व्यापक बनाना था, ताकि इसमें अगस्त 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जा बहाल किया जा सके।

मांग

स्पीकर को हटाने की मांग

विपक्षी दल ने मुख्यमंत्री अब्दुल्ला द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए पेश किए गए प्रस्ताव को पारित करने के लिए अध्यक्ष राथर को हटाने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।

भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने कहा कि सदन में प्रस्ताव पर निर्णय होने तक राथर को पद से हट जाना चाहिए।

उन्होंने "स्पीकर साहब, कुर्सी छोड़ो, कुर्सी छोड़ो" के नारे भी लगाए। इस दौरान हंगामा करने के लिए 4 विधायकों को बाहर निकाल दिया गया।

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प्रस्ताव

विधानसभा में क्या पेश किया गया था प्रस्ताव?

मुख्यमंत्री अब्दुल्ला द्वारा पेश प्रस्ताव में 2000 और 2024 के उन प्रस्तावों का भी जिक्र था, जिसे सदन ने पारित किया था।

वर्ष 2000 का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के समय पारित हुआ था, जिसमें जम्मू-कश्मीर की 1953 से पहले की स्थिति बहाल की मांग थी। हालांकि, इसे केंद्र ने खारिज किया था।

वर्ष 2024 के प्रस्ताव में पूर्ववर्ती राज्य के विशेष दर्जा बहाली पर बातचीत का आह्वान था।

नवीनतम प्रस्ताव पूर्ण राज्य दर्जा बहाल करने पर केंद्रित है।

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