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केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित, जानिए क्या है मामला
केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित

केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित, जानिए क्या है मामला

Jan 05, 2026
07:56 pm

क्या है खबर?

केरल की सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को सोमवार को बड़ा झटका लगा है। मादक पदार्थों की जब्ती के मामले में आरोपी को बचाने के लिए अहम सबूत थोंडिमुथल यानी अंडरवियर से छेड़छाड़ करने के दोषी पाए गए पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक एंटनी राजू की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उन्हें गत 3 जनवरी को नेडुमंगाड की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में 3 साल की सजा सुनाई थी। आइए पूरा मामला जानते हैं।

अधिसूचना

केरल विधानमंडल सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के किसी भी मामले में 3 साल या उससे अधिक की सजा सुनाए जाने पर जनप्रतिनिध की सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में राजू की तिरुवनंतपुरम विधानसभा सीट 3 जनवरी को ही खाली हो गई थी। उसके बाद सोमवार को केरल विधानमंडल सचिवालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी। बता दें कि राजू LDF की सहयोगी पार्टी जनधिपत्य केरल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मामला

क्या है सबूतों से छेड़छाड़ का मामला?

इस मामले की शुरुआत 1990 में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई थी। सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक से 61.5 ग्राम हशीश जब्त की थी। उस समय जूनियर वकील रहे एंटनी राजू ने आरोपी का प्रतिनिधित्व किया था। बाद में हुई जांच में केरल हाई कोर्ट के आदेश पर 2005 में दर्ज की गई सतर्कता जांच में मामले के अहम सबूत अंडरवियर से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। इसमें राजू को आरोपी बनाया गया था।

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उतार-चढ़ाव

बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा यह मामला 

इस मामले का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। एके एंटनी सरकार के तहत शुरुआती सतर्कता और पुलिस जांच में राजू को दोषमुक्त पाया गया था। उसके बाद साल 2023 में हाई कोर्ट ने राजू पर लगे आरोपों को रद्द कर दिया। इस आदेश को अभियोजन पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर कोर्ट ने 2024 में राजू पर आरोपों को दोबारा लागू करते हुए एक वर्ष के भीतर मुकदमे को पूरा करने का आदेश दिया था।

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सजा

कोर्ट ने 3 जनवरी को सुनाई राजू को सजा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच दोबारा शुरू की गई। इसमें अभियोजकों ने 29 गवाहों से पूछताछ की और नेडुमंगाड की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने 3 जनवरी को राजू और सह-आरोपी पूर्व कोर्ट क्लर्क केएस जोस को दोषी ठहरा दिया। इसके बाद कोर्ट ने राजू को 3 साल के साधारण कारावास ओर सह-आरोपी को 1 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

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