
NCP में शामिल होंगे पूर्व कांग्रेस नेता पीसी चाको, केरल में वामपंथी गठबंधन का करेंगे समर्थन
क्या है खबर?
पिछले हफ्ते ही कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता पीसी चाको आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल होंगे।
इसकी जानकारी देते हुए चाको ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, "मैं शरद पवार से मिलूंगा। पार्टी जिन भी संकटों का सामना कर रही है, उन पर चर्चा की जाएगी। मैं भविष्य की योजना बनाने के लिए सीताराम येचुरी और गुलाम नबी आजाद से भी मिलूंगा। मैं LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) को समर्थन दूंगा।"
राजनीतिक मायने
चाको की एंट्री से NCP को होगा केरल में फायदा
केरल के त्रिशूर से सांसद चाको के NCP के साथ जुड़ने से पार्टी को केरल में फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी राज्य में एक छोटी खिलाड़ी है और राज्य के उसके एकमात्र विधायक ने भी पिछले महीने उसका साथ छोड़ एक अलग पार्टी बना ली थी।
पार्टी इस चुनाव में LDF का समर्थन कर रही है और राज्य के अनुभवी नेताओं में शामिल चाको की एंट्री से उसकी स्थिति में सुधार आ सकता है।
इस्तीफा
अंदरूनी कलह और फूट से तंग आकर चाको ने दिया था कांग्रेस से इस्तीफा
गौरतलब है कि गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले चाको ने पिछले हफ्ते अंदरूनी कलह से तंग आकर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व की जमकर आलोचना की और कहा था कि पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं बचा है। उन्होंने केरल में पार्टी के दो धड़ों में बंटने और शीर्ष नेतृत्व के इसे मूकदर्शक बनकर देखते रहने की बात भी कही थी।
बयान
केरल में नहीं बची कांग्रेस- चाको
इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए चाको ने कहा था कि केरल में कांग्रेस पार्टी बची ही नहीं है और केवल दो धड़े हैं।
उन्होंने कहा था, "मैं केरल से आता हूं जहां कांग्रेस जैसी कोई पार्टी नहीं है। वहां दो पार्टियां हैं- कांग्रेस (I) और कांग्रेस (A)। केरल कांग्रेस इन दो पार्टियों की कोऑर्डिनेशन समिति के तौर पर काम कर रही है।"
उन्होंने कहा कि कोई भी स्वाभिमानी राजनेता केरल कांग्रेस में नहीं रह सकता है।
आरोप
"बंटवारे को मूकदर्शक बनकर देख रहा हाईकमान"
चाको ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल उठाए थे और उस पर केरल में पार्टी के बंटवारे को मूकदर्शक बनकर देखने का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा था, "केरल में अहम चुनाव होने वाले हैं। लोग कांग्रेस का वापसी चाहते हैं, लेकिन नेता गुटबाजी में लगे हुए हैं। मैं हाईकमान से कह चुका हूं कि यह सब खत्म होना चाहिए, लेकिन हाईकमान भी दोनों समूहों के प्रस्तावों पर सहमति जता रहा है।"
डाटा
केरल में 6 अप्रैल को होने हैं विधानसभा चुनाव
बता दें कि केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल को चुनाव होने हैं और 2 मई को नतीजे आएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला वामपंथी पार्टियों के लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) गठबंधन और कांग्रेस के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) गठबंधन के बीच है।