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करूर भगदड़ मामले में DMK ने मुख्यमंत्री विजय और TVK के खिलाफ याचिका वापस ली
करूर भगदड़ मामले में DMK ने मुख्यमंत्री विजय और TVK के खिलाफ याचिका वापस ली (फाइल तस्वीर)

करूर भगदड़ मामले में DMK ने मुख्यमंत्री विजय और TVK के खिलाफ याचिका वापस ली

लेखन गजेंद्र
Jul 07, 2026
02:25 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की चुनावी रैली के दौरान मची भगदड़ मामले में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मंगलवार को पक्षकार बनने की मांग वाली अपनी याचिका वापस ले ली। याचिका में DMK ने TVK मंत्रियों को जांच पर टिप्पणी करने या उचित सुरक्षा उपायों के बिना पीड़ित परिवार को कल्याणकारी लाभ देने से रोकने के निर्देश देने की मांग की थी। पार्टी को आशंका थी कि ये जांच प्रभावित कर सकती हैं।

सुनवाई

कोर्ट ने क्या कहा?

DMK ने याचिका में TVK मंत्री आधव अर्जुन के कुछ बयानों पर भी आपत्ति जताई थी, जिनमें कथित तौर पर DMK पर दोष मढ़ा गया था। इस पर न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और आलोक आराधे की पीठ ने सवाल उठाया कि क्या अदालत को ऐसे राजनीतिक संवेदनशील मुद्दों में दखल देना चाहिए। पीठ ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को पक्षकार कैसे बना सकता है? 41 लोग मर चुके हैं। क्या यह सोच-समझकर आवेदन है? इसका क्या औचित्य है?"

सुनवाई

याचिका वापस ली

कोर्ट में DMK के वकील ने कहा कि याचिका वापस ली जा सकती है, लेकिन उन्होंने अदालत से TVK पदाधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों पर ध्यान देने का आग्रह किया। इसके बाद कोर्ट ने पक्षकार बनाने के आवेदन को वापस लेने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा,"रणजीत कुमार इस आवेदन को वापस लेना चाहते हैं ताकि वे अन्य उपलब्ध उपायों का सहारा ले सकें। उपरोक्त शर्तों के अनुसार हम आवेदन को वापस लिया हुआ मानकर खारिज करते हैं।"

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विवाद

क्या है मामला?

पिछले साल 27 सितंबर को TVK की रैली के दौरान करूर में भगदड़ मची थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई और 142 अन्य घायल हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने जांच को तमिलनाडु पुलिस से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया और जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय समिति से कराने को कहा। इस बीच, DMK ने भगदड़ से संबंधित लंबित कार्यवाही में पक्षकार बनने की मांग की थी।

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