कर्नाटक में डीके शिवकुमार सर्वसम्मति से चुने गए विधायक दल के नेता, शपथ ग्रहण की तैयारी
क्या है खबर?
कर्नाटक को सिद्धारमैया के 3 साल के कार्यकाल के बाद अब नया मुख्यमंत्री मिलेगा। इस पद को ग्रहण करने के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पूरी तरह तैयार हैं। शनिवार को विधान सौधा के सम्मेलन कक्ष में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक हुई, जिसमें शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया है। इस तरह से कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार की नियुक्ति से पहले संवैधानिक औपचारिकता पूरी हो गई है।
चुनाव
सम्मेलन कक्ष में दिखा नाटकीय घटनाक्रम
सम्मेलन कक्ष में जब विधायक दल का नेता चुनने की बैठक शुरू हो रही थी, तो निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि अगले CLP नेता पर निर्णय कांग्रेस हाई कमांड द्वारा लिया जाएगा। इसके बाद, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ 2 केंद्रीय पर्यवेक्षकों में से एक रणदीप सुरजेवाला ने 10 मिनट के विराम की घोषणा की। दोनों सिद्धारमैया के साथ मुख्यमंत्री के कक्ष की ओर रवाना हुए और लौटकर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई।
प्रस्ताव
सिद्धारमैया ने बढ़ाया शिवकुमार का नाम
मुख्यमंत्री कक्ष से लौटकर सिद्धारमैया ने शिवकुमार का नाम विधायक दल के नेता के रूप में प्रस्तावित किया, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि नए नेता को शीर्ष नेतृत्व का आशीर्वाद प्राप्त था। इसके बाद, प्रस्ताव को वरिष्ठ नेता और निवर्तमान गृह मंत्री जी परमेश्वर ने समर्थन दिया और अन्य विधायकों ने भी सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया। इसके बाद, शिवकुमार ने सिद्धारमैया को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देने का औपचारिक प्रस्ताव पेश किया।
शपथ ग्रहण
3 जून को होगा शपथ ग्रहण
CLP की बैठक के बाद, शिवकुमार ने सिद्धारमैया के साथ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हालांकि, यह भी महज एक औपचारिकता होगी। बैठक के बाद वेणुगोपाल ने मीडिया को बताया कि शिवकुमार और उनकी टीम 3 जून की शाम को शपथ ग्रहण करेंगे। यह लोक भवन ग्लास हाउस में होना प्रस्तावित है। वेणुगोपाल ने विश्वास जताया कि शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस 2028 में सत्ता में वापस आएगी।
मंत्री
4 उपमुख्यमंत्री और 10 मंत्री ले सकते हैं शपथ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 64 वर्षीय शिवकुमार के साथ 4 उपमुख्यमंत्री और 10 कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। शेष मंत्री 18 जून को राज्यसभा चुनाव के बाद शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस राज्य में क्षेत्रीय, सामाजिक और जातिगत संतुलन बनाए रखने के लिए, शिवकुमार के साथ 4 उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर विचार कर रही है। इसमें प्रियांक खड़गे प्रमुख हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय आना बाकी है। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र भी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।
बैठक
दिल्ली में बैठकों के बाद कर्नाटक की सियासी उथल-पुथल शांत
सिद्धारमैया के 28 मई को इस्तीफा देने से एक दिन पहले दिल्ली में सियासी माहौल गर्म हो गया था, जब सिद्धारमैया और शिवकुमार के साथ कर्नाटक के तमाम नेता वहां पहुंचे थे। यहां से लौटकर सिद्धारमैया ने अपने घर पर कैबिनेट सहयोगियों को नाश्ते पर बुलाया और इस्तीफे की घोषणा कर दी। इसके बाद शुक्रवार को दोनों प्रमुख नेताओं ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी।
राजनीति
2023 में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर मची थी कलह
2023 में कांग्रेस के चुनाव जीतने के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर कलह शुरू हो गई थी। जनाधार वाले नेता सिद्धारमैया और पार्टी के संकटमोचन शिवकुमार को ढाई-ढाई साल के सत्ता हस्तांतरण पर शांत कराया गया। हालांकि, औपचारिक ऐलान नहीं हुआ। इसके बाद सिद्धारमैया मुख्यमंत्री और शिवकुमार इकलौते उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक अध्यक्ष बने। नवंबर 2025 में सरकार के ढाई साल होने पर विवाद बढ़ गया। सिद्धारमैया 5 साल का दावा करते रहे और शिवकुमार नेतृत्व पर दबाव बनाते रहे।
पहचान
कौन हैं डीके शिवकुमार?
डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार, जिनको लोग डीके शिवकुमार और डीकेएस भी कहते हैं। वे राज्य की राजनीति में सबसे चतुर, ताकतवर और अमीर नेता माने जाते हैं। उनको कांग्रेस का संकटमोचक और किंगमेकर कहा जाता है। डीके छात्र जीवन से कांग्रेस से जुड़े हैं और 1981 में 18-19 की उम्र में राजनीति शुरू की थी। वोक्कालिगा समुदाय के डीके ने पहला चुनाव 1985 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के खिलाफ सथानुर विधानसभा से लड़ा और हारे। हालांकि, 1989 में जीत गए।
मंत्री
एसएम कृष्णा की सरकार में बने थे मंत्री
डीके ने 1999 में देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी को हराया और तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा की सरकार में सहकारिता और शहरी विकास मंत्री बने। वे कृष्णा को राजनीति गुरु मानते हैं। उन्होंने 2008 में परिसीमन के बाद अपनी सीट बदलकर कनकपुरा कर ली। तब से वे लगातार जीत रहे हैं। उनको 2002 में महाराष्ट्र की विलासराव देशमुख की सरकार बचाने, 2017 में अहमद पटेल को राज्यसभा जिताने और 2018 में JDS-कांग्रेस सरकार बनाने के लिए किंगमेकर कहा जाता है।
जानकारी
डीके देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बनेंगे
शिवकुमार भारत के सबसे अमीर राजनेताओं में से एक हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके परिवार के पास कुल 1,413 करोड़ से अधिक की घोषित संपत्ति है। मुख्यमंत्री बनते ही वे देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बनेंगे। उनका प्रमुख व्यवसाय रियल एस्टेट से जुड़ा है।
ट्विटर पोस्ट
विधायक दल की बैठक के बाद डीके के लगते नारे
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Amid chants of "DK-DK," Karnataka Congress chief DK Shivakumar leaves from the Vidhana Soudha after the CLP meeting
— ANI (@ANI) May 30, 2026
He was elected the new leader of the Congress Legislature Party today and is set to be sworn in as the next Chief Minister of… pic.twitter.com/1f9kDAjMaZ