AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन था नेपाल से प्रेरित, भाजपा ने जताया कड़ा विरोध
क्या है खबर?
दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान शुक्रवार भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा अर्धनग्न होकर किए गए प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, युवा कांग्रेस का यह प्रदर्शन नेपाल के हिंसक GEN-Z आंदोलन से प्रेरित थे, जिसने वहां की सरकार गिरा दी थी। पुलिस का दावा है कि इस प्रदर्शन के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दलील
पुलिस ने कोर्ट में क्या दी दलील?
पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के रिमांड की मांग करते हुए कोर्ट में कहा, "यह एक बड़ी साजिश है जिसे नेपाल में हुए GEN-Z के विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा मिली है। आरोपियों को आमने-सामने लाना होगा और साथ ही डिजिटल सबूतों का भी इस्तेमाल करना होगा। यह एक बेहद महत्वपूर्ण जांच है।" दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के वित्तपोषण की गहन जांच आवश्यक है, जिसमें उनके द्वारा पहनी गई टी-शर्टों की छपाई का खर्च भी शामिल है।
सफाई
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्या दी सफाई, भेजे गए रिमांड पर
कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के वकील ने पुलिस के दावों का खंडन कर तर्क दिया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और कार्यकर्ताओं ने किसी पर हमला नहीं किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई फुटेज नहीं है जिससे यह साबित हो कि उन्होंने किसी सरकारी कर्मचारी पर हमला किया। इसके विपरीत, उनकी जमकर पिटाई की गई। लगाई गई धाराएं अन्य राजनीतिक द्वेषता का सीधा उदाहरण है। हालांकि, इसके बाद भी कोर्ट ने कार्यकर्ताओं को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैसे किया था प्रदर्शन?
शुक्रवार को युवा कांग्रेस के लगभग 10 कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में चल रहे AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में घुसकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों के साथ बनी टी-शर्ट पर 'प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं', 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौता' 'प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं' और 'एपस्टीन फाइल्स' जैसे संदेश लिखे थे। बाद में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत लेकर FIR दर्ज की थी।
प्रदर्शन
भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली और मुंबई समेत विभिन्न शहरों में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मुलुंड में भाजपा कार्यकर्तओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले के आगे काले झंडे भी लहराए। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पोस्टर लहराए। इन पोस्टरों पर 'कांग्रेस- राहुल गांधी = गद्दार' और 'गद्दार राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए' जैसे स्लोगन लिखे थे।
आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर वैश्विक मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यह कोई प्रयोग नहीं, बल्कि देश की छवि खराब करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था। कांग्रेस नेतृत्व यह समझने में विफल रहा कि वैश्विक AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था, न कि भाजपा। यह अपने आप में बड़ा अपराध है।"
बयान
पीयूष गोयल ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष के अहंकार और हताशा को दर्शाता है और भारत के लिए कांग्रेस की दूरदृष्टि की कमी को उजागर करता है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और नरसिम्हा यादव की एक तस्वीर भी दिखाई, जो कथित तौर पर इस विरोध प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में से एक हैं। भाजपा ने दावा किया कि यह तस्वीर कांग्रेस नेतृत्व और प्रदर्शन के बीच सीधा संबंध दर्शाती है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
भिवंडी कोर्ट जाते समय नेता विपक्ष Rahul Gandhi का विरोध करते हुए BJP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए।
— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) February 21, 2026
लेकिन सच की आवाज़ को झंडों से नहीं रोका जा सकता।
Bharatiya Janata Party राहुल गांधी को नहीं रोक सकती।
सत्य की लड़ाई जारी रहेगी। ✊ pic.twitter.com/bLrhXw1TTZ