राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस हमलावर, कहा- अमेरिका को बहलाने के लिए पाकिस्तान को क्लीन-चिट
क्या है खबर?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती। कांग्रेस ने बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर ऐसा कहा है, जबकि भारत पहले से पाकिस्तान को आतंकवाद पालने वाला देश कहता रहा है। राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने बयान को अमेरिका को खुश करने वाला बताया है।
आपत्ति
जयराम ने पूछा- क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है?
कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम ने राजनाथ के बयान को एक्स पर साझा कर लिखा, 'कल, रक्षा मंत्री ने—जाहिर तौर पर प्रधानमंत्री की मंजूरी और उनके कहने पर—बिश्केक में पाकिस्तान को एक शर्मनाक 'क्लीन चिट' दे दी। क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं? क्या पाकिस्तान में ऐसे कोई आतंकवादी कैंप नहीं, जिनका निशाना भारत है? क्या पाकिस्तान में भारत-विरोधी वैचारिक दुष्प्रचार नहीं होता? क्या मुंबई और पहलगाम आतंकवादी हमलों की साजिश पाकिस्तान के आतंकवादियों ने नहीं रची थी?'
बयान
अमेरिका को खुश करने के लिए बयान दिया- जयराम
कांग्रेस नेता जयराम ने आरोप लगाया कि राजनाथ सिंह के बयान से साफ पता चलता है कि पाकिस्तान के संबंध में यह नया रुख, प्रधानमंत्री की अमेरिका को खुश करने की नीति और चीन के सामने सोची-समझी रणनीति के तहत झुकने की नीति का ही एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के ये चौंकाने वाले बयान उतने ही राष्ट्र-विरोधी हैं, जितनी कि 19 जून, 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई अजीबोगरीब 'क्लीन चिट' थी।
ट्विटर पोस्ट
जयराम रमेश ने साझा किया बयान
Yesterday, the Defence Minister, obviously with the approval of and at the instance of the Prime Minister, gave a shameful clean chit to Pakistan while speaking in Bishkek.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 29, 2026
Is Pakistan not the epicentre of terrorism?
Are there no terrorist camps in Pakistan with India as their… pic.twitter.com/anAaHNJZNc
बयान
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?
राजनाथ ने मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा था, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता या विचारधारा नहीं होती। राष्ट्रों को आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सामूहिक रुख अपनाना चाहिए।" बैठक में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी शामिल थे। राजनाथ का बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि 22 अप्रैल को ही जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्याओं की पहली बरसी हुई है।