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क्या 5 राज्यों के चुनाव से कांग्रेस की उम्मीद बढ़ी है? जानिए कैसा रहा प्रदर्शन
कांग्रेस ने 10 साल बाद केरलम में वाम मोर्चे की सरकार को हराया है

क्या 5 राज्यों के चुनाव से कांग्रेस की उम्मीद बढ़ी है? जानिए कैसा रहा प्रदर्शन

लेखन गजेंद्र
May 05, 2026
07:02 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत 4 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव समाप्त हो गए हैं, जिसमें कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी अच्छा दिख रहा है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में 5 राज्यों में से किसी भी राज्य में सरकार नहीं बनाई थी, लेकिन इस बार केरलम में जीत हासिल की और पश्चिम बंगाल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। राज्यों और उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा? आइए, जानते हैं।

केरलम

केरलम से कांग्रेस ने दिखाई दक्षिण की ताकत

केरलम में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने 10 साल से सत्ता पर काबिज वाममोर्चा को हटाया है। कांग्रेस ने 140 सीटों में 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। बाकी सीट UDF सहयोगियों को दी थी। कांग्रेस ने इसमें 63 और UDF ने कुल 102 जीती है। कांग्रेस ने साबित किया कि दक्षिण में उसकी ताकत कायम है। तेलंगाना-कर्नाटक के बाद केरलम कांग्रेस शासित तीसरा दक्षिण राज्य बन गया है। 2021 के चुनाव में कांग्रेस ने मात्र 21 सीटें जीती थीं।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में खोई जगह पाने की उम्मीद

बंगाल के चुनाव में भले कांग्रेस को 2 सीट मिली हो, लेकिन उसने अपनी खोई जगह पाने की उम्मीद जगी है। उसने 284 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। उसका वोट प्रतिशत 3 प्रतिशत रहा। पिछले 2021 के चुनाव में कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ गठबंधन कर 92 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और शून्य सीट जीती थी। तब उसका वोट प्रतिशत 2.90 प्रतिशत था। 2016 के चुनाव में कांग्रेस ने 44 सीट जीती थी और 12.55 प्रतिशत वोट पाया था।

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असम

असम में कांग्रेस के साथ मुस्लिम वोटों का जुड़ाव

असम में भाजपा ने सरकार बनाने की हैट्रिक लगाई, लेकिन कांग्रेस ने धार्मिक-धुव्रीकरण लगभग समाप्त कर दिया। कांग्रेस के मजबूत होने से मुस्लिम मतदाता उसकी तरफ आए, जिससे बदरूद्दीन अजमल की AIUDF कमजोर हुई। AIUDF के 30 में 2 उम्मीदवार जीते और वोट प्रतिशत भी घटा है। पिछले चुनावों में AIUDF दहाई अंकों में सीटे जीती है। कांग्रेस ने 2016-2021 के मुकाबले सबसे बुरा प्रदर्शन किया और 99 उम्मीदवार उतारकर 19 सीट जीती, लेकिन AIUDF का वोट बैंक खींच लिया।

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तमिलनाडु

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के आगे की शुरूआत

तमिलनाडु में 6 दशक बाद जनता ने द्रविड़ राजनीति को कुर्सी से हटाया है। यहां कांग्रेस 2016 और 2021 के चुनाव के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी है, लेकिन नई पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की जीत से उसकी उम्मीद खुली है। कांग्रेस ने कुल 28 उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें 5 जीते हैं और वोट प्रतिशत 4.3 प्रतिशत रहा है। अगर वो TVK के साथ सरकार में आती है तो तमिल राज्य में गैर-द्रविड़ विचारधारा का उदय होगा।

पुडुचेरी

पुडुचेरी में सीट गंवाई, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा

पुडुचेरी में 30 सीटों में कांग्रेस ने केवल 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें 1 सीट जीती है। हालांकि, उसका वोट प्रतिशत 17.54 है। पिछले 2021 के चुनाव में कांग्रेस ने 14 उम्मीदवार उतारकर 2 सीट जीती थीं और 15.71 प्रतिशत वोट मिले थे। 2016 में कांग्रेस ने 15 सीट जीतकर सरकार बनाई थी। पुडुचेरी में कांग्रेस 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतती आई है, लेकिन यह सफलता विधानसभा चुनावों में भुनाने में असफल हो रही है।

जानकारी

7 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में 2 जीती कांग्रेस

विधानसभा चुनाव के साथ 5 राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, त्रिपुरा और नागालैंड की 7 सीटों पर उपचुनाव में कांग्रेस ने 2 सीटें जीती हैं। कांग्रेस ने सिर्फ कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे सीट पर भाजपा को हराया है। यहां सिद्धारमैया की सरकार है।

गेम

क्या INDIA गठबंधन में बढ़ेगा कद?

केंद्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन में कांग्रेस का वजूद क्षेत्रीय पार्टियों के आगे कम दिख रहा था। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सत्ता में होने से कांग्रेस का कद घटा था। अब जब दोनों पार्टियां सत्ता से बाहर हैं और कांग्रेस केरलम में सत्ता में है, तो ऐसे में INDIA गठबंधन को मजबूत करने में कांग्रेस फैसले लेने की स्थिति में हो सकती है।

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