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कांग्रेस ने परगट सिंह को पंजाब और आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया
आराधन मिश्रा बनी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेशाध्यक्ष

कांग्रेस ने परगट सिंह को पंजाब और आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया

Oct 02, 2026
11:09 pm

क्या है खबर?

कांग्रेस आलाकमान ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब और उत्तर प्रदेश में नए प्रदेशाध्यक्षों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह को प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में अजय राय की जगह कद्दावर महिला नेता और विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' को नया प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है।

नियुक्ति

कांग्रेस ने परगट सिंह की नियुक्ति पर क्या कहा?

कांग्रेस ने एक्स पर जारी नियुक्ति पत्र में लिखा, 'कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वड़िंग के योगदान की सराहना करती है। पंजाब में चुनाव से जुड़े अलग-अलग कमेटियों के कार्यकारी अध्यक्ष, चेयरपर्सन और सहायक चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे।'

कांग्रेस ने राज्य में अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान को खत्म करने के लिए यह निर्णय किया है।

दिग्गज

ओलंपियन रह चुके हैं परगट सिंह

62 वर्षीय परगट सिंह भारत के एक दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रह चुके हैं। उन्होंने 1992 (बार्सिलोना) और 1996 (अटलांटा) ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व किया।

खेल से संन्यास के बाद उन्होंने पंजाब पुलिस में उपाधीक्षक (DSP) और राज्य के खेल निदेशक के रूप में भी सेवाएं दीं।

अटलांटा ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में वह भारत के ध्वजवाहक भी रहे थे। हॉकी में वह फुल-बैक और डिफेंडर के तौर पर खेलते थे।

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राजनीति

कैसा रहा है परगट सिंह का राजनीतिक सफर?

परगट सिंह ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत साल 2012 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ की थी और जालंधर कैंट से विधायक बने।

2016 में SAD नेतृत्व से मतभेद के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

उसके बाद 2017 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

इसके बाद वह 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जालंधर कैंट सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे।

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जानकारी

चरणजीत सरकार में रहे थे कैबिनेट मंत्री

परगट सिंह साल 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। उनके पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा मामले और NRI मामले जैसे विभाग थे। उन्होंने मार्च 2022 तक इन जिम्मेदारियों को संभाला।

बदलाव

उत्तर प्रदेश में ये किए गए हैं बदलाव

कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए जारी नियुक्त पत्र में लिखा है, 'कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही सहरानपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष, देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।'

उत्तर प्रदेश में ये बड़े बदलाव आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूती देने के लिए किए गए हैं।

परिचय

कौन हैं आराधना मिश्रा?

आराधना मिश्रा रामपुर खास (प्रतापगढ़) विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक हैं।

वह पार्टी की कद्दावर नेता होने के साथ राज्य के कद्दावर ब्राह्मण नेता और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं।

वह रामपुर खास से तीसरी बार विधायक बनी हैं। उन्होंने रामपुर खास से पहला चुनाव 2014 के उपचुनाव में जीता था।

इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। ऐसे में पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।

शुरुआत

आराधना ने कैसे की थी राजनीति की शुरुआत?

आराधना ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जमीनी स्तर पर ब्लॉक प्रमुख चुनाव से की थी।

साल 2014 में जब उनके पिता प्रमोद तिवारी राज्यसभा गए, तब रामपुर खास सीट पर हुए उपचुनाव में वे पहली बार विधायक बनीं।

वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता (CLP) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

अब उनके अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को नया विधायक दल का नेता नियुक्त किया है।

रणनीति

फेरबदल के पीछे कांग्रेस की रणनीति

पंजाब में लंबे समय से राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों में तनातनी चल रही थी।

परगट सिंह को आगे कर पार्टी ने चुनाव से पहले एक निष्पक्ष और कड़े फैसले लेने वाले नेता को आगे किया है।

पंजाब और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में साल 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

नए चेहरों की नियुक्ति से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता में नई ऊर्जा फूंकना चाहती है।

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