उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की भाषा बदली? नेताओं को सटीक नहीं तंज भरा जवाब
क्या है खबर?
राजनेताओं की बयानबाजी में न उलझने वाले चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का सोशल मीडिया पर जवाब देने का अंदाज कुछ बदला नजर आया। सोमवार को उत्तर प्रदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के एक्स हैंडल पर आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद और कांग्रेस नेता ने कुछ सवाल उठाए, जिसका CEO ने तंज के साथ ऐसा जवाब दिया कि लोग हैरान रह गए। क्या मामला है, आइए जानते हैं?
विवाद
क्या है मामला?
सांसद संजय सिंह ने एक्स पर वकील राजेश यादव का वीडियो साझा कर लिखा, 'ज्ञानेश कुमार जी आखिर राम ने 'यादव' को ही क्यों मारा? राम ने किसी सिंह, पाठक, अस्थाना, शर्मा, राय, बिष्ट को क्यों नही मारा? आपका कंप्यूटर घोर जातिवादी है क्या? क्या आप किसी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं? राजेश यादव का जायज सवाल।'
इस पर CEO ने जवाब दिया, 'भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है।'
जवाब
CEO ने क्या दिया जवाब?
सांसद के वीडियो पर CEO ने एक्स पर जवाब दिया, 'विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी है। कंप्यूटर-सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है, लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का भी आरोप लगता।'
विवाद
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत से विवाद
CEO के एक्स हैंडल पर इस तरह के बयान पर कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आपत्ति जताई।
उन्होंने CEO को टैग कर लिखा, 'इस हैंडल को कौन चला रहा है। वैसे भी कोई खास विश्वसनीयता आप लोगों की बच नहीं है जो थोड़ा बहुत भ्रम है- वो यह हैंडल अकेले निपटाए दे रहा है!'
इस पर भी CEO ने जवाब दिया कि उसे जवाब का अधिकार मिला है।
जानकारी
CEO ने क्या दिया जवाब?
उत्तर प्रदेश के CEO ने श्रीनेत के पोस्ट पर जवाब दिया, 'प्रत्येक मामले में संयत भाषा का प्रयोग करते हुए बिना अनावश्यक टिप्पणी के केवल तथ्यों तक ही अपनी बात सीमित रखने के निर्देश भारत चुनाव आयोग द्वारा दे दिए गए हैं।'
ट्विटर पोस्ट
संजय सिंह के सवाल पर CEO का जवाब
हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम “राम ने शर्मा को मारा” भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी… https://t.co/nnVPWpH3wb pic.twitter.com/txG4odd7xP
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) October 25, 2026
ट्विटर पोस्ट
सुप्रिया श्रीनेत के सवाल पर CEO का जवाब
प्रत्येक मामले में संयत भाषा का प्रयोग करते हुए बिना अनावश्यक टिप्पणी के केवल तथ्यों तक ही अपनी बात सीमित रखने के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दे दिए गए हैं । https://t.co/YD08VDQHdo
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) October 26, 2026
हैरान
लोग बोले- भाजपा के IT सेल जैसा कमेंट
CEO के ऐसे जवाब से लोग हैरान हो रहे हैं। संतोष यादव PhD नाम के एक्स उपयोगकर्ता ने लिखा, 'ये उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का आधिकारिक हैंडल है। लेकिन कमेंट भाजपा आईटी सेल की तरह कर रहा है।'
राहुल सांकृत्यायन ने लिखा, 'ये राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी का बयान है? अधिकृत है! पहली नजर में तो पैरोडी लगा! अरे राम राम राम राम राम...।'
लोकेश शर्मा ने लिखा, 'आप भाजपा ट्रोल जैसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं?'