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अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले 'शीशमहल' पर लागत से 342 प्रतिशत ज्यादा खर्च, CAG का खुलासा
अरविंद केजरीवाल वर्ष 2015 से 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में यहां रहे हैं

अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले 'शीशमहल' पर लागत से 342 प्रतिशत ज्यादा खर्च, CAG का खुलासा

लेखन गजेंद्र
Mar 24, 2026
06:56 pm

क्या है खबर?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले को लेकर आई नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने तूफान खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित उनके सरकारी आवास की मरम्मत और अन्य कार्य पर लागत से 342 प्रतिशत अधिक खर्च किया गया है। यह रिपोर्ट सोमवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई थी, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ। भाजपा केजरीवाल के सरकारी बंगले को 'शीशमहल' कहती है।

रिपोर्ट

'शीशमहल' के काम की करीब 7.91 करोड़ रुपये थी अनुमानित लागत

CAG रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी बंगले में काम की अनुमानित लागत पहले 7.91 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन यह बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी। बताया गया है कि बंगले में 18.88 करोड़ रुपये का महंगा सजावटी सामान लगाया गया है। अनुमति लिए बिना ही 170 चीजों में बदलाव करके करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। करीब 1.87 करोड़ रुपये अन्य कार्यों में खर्च किए गए हैं।

खर्च

इतना खर्च फिर भी काम अधूरा

रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्यमंत्री आवास में जो काम पूरा दिखाया गया है, उसमें कई गड़बड़ियां मिली हैं। स्टॉफ ब्लॉक और शिविर कार्यालय का काम भी अधूरा किया गया है। शिविर कार्यालय का अस्थायी ढांचा बना है, जबकि यहां पूरा निर्माण होना था, जबकि इसके लिए 19.87 करोड़ रुपए का उपयोग किया जाना था। बताया गया है कि काम को 2023 में बीच में ही बंद कर दिया गया, जबकि कई काम अधूरे थे।

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गड़बड़ी

एक ठेकेदार को सौंप दिए सारे काम

रिपोर्ट के मुताबिक, बंगले पर अतिरिक्त कार्य का नया टेंडर निकाले बिना एक ही ठेकेदार को 25 करोड़ रुपये से अधिक का काम दे दिया गया। आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने खर्च समायोजित करने के लिए अनुमानित खर्च को 4 बार बदला। इस दौरान 18.88 करोड़ का काम बिना मंजूरी के हुआ। CAG की रिपोर्ट में बंगले के कार्य में नियमों की अनदेखी, फंड का गलत इस्तेमाल और लागत में भारी बढ़ोतरी समेत कई अनियमितताएं मिली हैं।

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मुद्दा

दिल्ली चुनाव में भाजपा ने बनाया था मुद्दा

भाजपा ने दिल्ली विधानसभा के चुनाव में 'शीशमहल' मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिससे केजरीवाल की आम आदमी छवि को नुकसान पहुंचा था। उसका आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए केजरीवाल ने सितंबर, 2020 से जून, 2022 के बीच 6 किस्तों में मार्बल फर्श, कंसल्टेंसी, बिजली संबंधी फिटिंग, अग्निशमन प्रणाली, अलमारी और किचन उपकरणों पर करोड़ों रुपये खर्च किए। पिछले साल गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद CBI और ED ने कथित भ्रष्टाचार की जांच शुरू की थी।

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