अनंत सिंह 6 साल के लिए JDU से निष्कासित, विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी अनुशंसा
क्या है खबर?
जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी पर बड़ी कार्रवाई की है। JDU ने उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द करते हुए 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत की विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने की भी अनुशंसा की है।
कारण
क्या रहा इस कार्रवाई का कारण?
JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षर से जारी कार्यालय आदेश में यह कार्रवाई की गई है।
पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत की विधानसभा सदस्यता भी रद्द करने का अनुरोध किया है।
आदेश के मुताबिक, अनंत पर पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप है।
पार्टी ने यह भी कहा है कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के लिए अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
ट्विटर पोस्ट
यहां पढ़ें पूरा निष्कासन आदेश
जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा जी के आदेशानुसार, मोकामा के विधायक श्री अनंत कुमार सिंह के द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों, पार्टी के दिशा-निर्देशों की अवहेलना एवं अभी संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव में विरोधी दल के पक्ष में प्रचार करने तथा पार्टी के उम्मीदवार के… pic.twitter.com/R0vtX9lQlE
— Janata Dal (United) (@Jduonline) October 24, 2026
मोर्चा
नीरज कुमार के खिलाफ खोला था मोर्चा
अनंत ने हाल में संपन्न बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के विरुद्ध जाकर जन सुराज पार्टी (JSP) के उम्मीदवार डॉ अनुज सिंह का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में प्रचार किया था।
मतदान के दिन भी अनंत ने नीरज पर हमला बोलते हुए कहा था कि नीरज कुमार का किला टूट चुका है।
उन्होंने अपने समर्थकों के साथ जीत का दावा करते हुए अपने सरकारी आवास पर मतदान से पहले ही पटाखे फोड़कर जश्न मनाया था।
प्रतिक्रिया
अनंत ने मामले पर क्या दी थी प्रतिक्रिया?
पार्टी की कार्रवाई से पहले ही अनंत JDU की संभावित कार्रवाई पर बयान दे चुके हैं।
उन्होंने कहा था, "मैं चाहता हूं JDU मुझ पर कार्रवाई करे। ना मुझे मरने का गम है और न जीने की खुशी है।"
उन्होंने नीरज पर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराकर परेशान करने का आरोप लगाया था।
नीरज के चुनाव के बाद 'बुखार' उतरने वाले बयान पर भी अनंत ने कहा था कि देखा जाएगा और उन्हें किसी बात का डर नहीं है।
इनकार
नीतीश कुमार के विरोध से करते रहे इनकार
नीरज के विरोध के बीच अनंत लगातार यह कहते रहे कि उनका विरोध नीतीश कुमार से नहीं है।
उन्होंने कहा था कि वह नीतीश कुमार का विरोध नहीं कर सकते और पार्टी में हैं।
अब JDU की ओर से 6 साल के निष्कासन के साथ विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा और नीलम देवी को भी 6 साल के लिए पार्टी से बाहर किए जाने के बाद बिहार की सियासत में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।