संसद में गतिरोध पर अमित शाह बोले- हर बहस को तैयार, 24 घंटे चर्चा हो
क्या है खबर?
संसद के मानसून सत्र में पिछले 15 दिनों से दोनों सदनों में गतिरोध के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पहली बार बयान दिया है। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि वह हर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को तय करना है कि उन्हें चर्चा करनी है या नहीं। उन्होंने कहा कि वह बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार 3 बजे तक चर्चा करने को तैयार हैं।
बयान
क्या बोले अमित शाह?
शाह ने कहा कि जब से संसद सत्र शुरू हुआ है, तब से वह लगातार संसद में आ रहे हैं और अपने कार्यालय में बैठ रहे हैं, लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहे हैं तो वहां जाकर क्या करेंगे।
उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की है कि छात्र आंदोलन को लेकर सभी तरह की चर्चा के लिए सरकार तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा नहीं होने देना चाहती है।
ट्विटर पोस्ट
अमित शाह का बयान
"मैं संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं, मगर वो (विपक्ष) चर्चा ही नहीं होने देना चाहते. अब जनता तय करे कि कौन भाग रहा है..."- अमित शाह pic.twitter.com/iqwrolqIJW
— Akshay Pratap Singh (@AkshayPratap94) August 12, 2026
बयान
जनता तय करे कौन भाग रहा है- शाह
शाह ने कहा, "पहले विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा था और सरकार ने हां कर दिया। मैंने भी अपनी ओर से कहा है कि किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं, लेकिन वो चर्चा नहीं चाहते। अब जनता को तय करना है कि कौन भाग रहा है। आज 3 बजे तक स्पीकर को पत्र दे देंं, आज से कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हूं। मैं सदन में बैठूंगा।"
बयान
सबको सुनकर जवाब दूंगा- शाह
शाह ने आगे कहा कि वह सभी की सुनकर जवाब देंगे, सरकार के पास कुछ छिपाने के लिए नहीं है, लेकिन यह भी चर्चा करेंगे कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं चाहता।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार हर चीज पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन चलने दे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ बयान मांग रहा है, लेकिन इतने गंभीर मसले पर ऐसे चर्चा नहीं हो सकती, विपक्ष तय करे कि उसे चर्चा करना है या हंगामा।
पलटवार
राहुल गांधी ने शाह को जवाब दिया
शाह के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, "विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें अमित शाह का भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं 'हम' कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली और कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? क्या आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है।"