
भाजपा सांसद हेगड़े ने BSNL के कर्मचारियों को बताया गद्दार, कहा- काम करने को तैयार नहीं
क्या है खबर?
अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले उत्तर कन्नड़ लोकसभा सीट से भाजपा संसद अनंत कुमार हेगड़े ने एक बार फिर से विवादित बयान दे दिया है।
इस बार उन्होंने सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के कर्मचारियों पर निशाना साधते हुए उन्हें गद्दार करार दिया है।
उन्होंने कहा कि BSNL के 85,000 गद्दार कर्मचारियों को जल्द ही नौकरी से निकाला जाएगा। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बयान
सांसद हेगड़े ने BSNL को बताया देश पर धब्बा
उत्तर कन्नड़ जिले के कुमटा में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद हेगड़े ने कहा, "BSNL इस देश पर एक धब्बा है। पैसा, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक तैयार बाजार दिए जाने के बावजूद भी BSNL के कर्मचारी काम करने से मना कर देते हैं।"
उन्होंने कहा, "इसका सिर्फ एक इलाज है और वो है निजीकरण, जो कि हमारी सरकार करेगी। करीब 85,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा और बाद में कुछ और को भी निकाला जा सकता है।"
जानकारी
कांग्रेस ने की हेगड़े के बयान की आलोचना
कांग्रेस ने हेगड़े के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि हेगड़े खुद किस लायक हैं। पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार हर चीज का निजीकरण चाहती है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार शासन चलाने में असमर्थ है।
पुराने मामले
पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं हेगड़े
बता दें कि सांसद हेगड़े द्वारा विवादित बयान देने का यह पहला मामला नहीं है। इस साल की शुरुआत में भी उन्होंने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन को 'ड्रामा' बता दिया था।
इस पर काफी विवाद हुआ था और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से हेगड़े के बयान पर अपना रुख साफ करने की मांग उठाई थी।
हालांकि, बाद में हेगड़े ने कहा था कि उनका संकेत किसी राजनीतिक पार्टी या महात्मा गांधी की तरफ नहीं था।
निशाना
कांग्रेस नेता पर भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं हेगड़े
इसी तरह सांसद हेगड़े ने जनवरी 2019 में कांग्रेस नेता दिनेश गुंडु राव के लिए कहा था कि वो ऐसे इंसान हैं जो 'एक मुस्लिम महिला' के पीछे गए थे। इस बयान में हेगड़े का इशारा राव की पत्नी तबस्सुम की तरफ था।
इसके कुछ दिन बाद उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 'हाइब्रिड स्पेसिमेन' कह दिया था। इस पर भी काफी विवाद हुआ था।
उसके बाद उन्होंने एक पूर्व IAS अधिकारी को देशद्रोही करार दिया था।