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क्या महिलाओं को जिम में नहीं करनी चाहिए ये एक्सरसाइज?
क्या महिलाओं को करनी चाहिए ये एक्सरसाइज?

क्या महिलाओं को जिम में नहीं करनी चाहिए ये एक्सरसाइज?

Apr 15, 2026
02:06 pm

क्या है खबर?

महिलाओं के लिए जिम जाना या व्यायाम करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन कई बार हमें कुछ ऐसी गलत धारणाएं सुनने को मिलती हैं, जो हमारे मन में कई सवाल खड़े कर देती हैं। इस लेख में हम कुछ ऐसी ही गलत धारणाओं को दूर करेंगे, ताकि महिलाएं सही जानकारी के आधार पर अपनी फिटनेस यात्रा शुरू कर सकें।

#1

क्या भारी वजन उठाने से मांसपेशियां बड़ी हो जाती हैं?

एक आम धारणा यह है कि भारी वजन उठाने से महिलाओं की मांसपेशियां बहुत बड़ी हो जाती हैं। यह सच नहीं है। महिलाओं का शरीर पुरुषों की तरह मांसपेशियों को बढ़ाने वाले हार्मोन से संपन्न नहीं होता, जिससे उनकी मांसपेशियां बहुत बड़ी हो सकें। महिलाएं भारी वजन उठाकर अपनी मांसपेशियों को टोन कर सकती हैं, लेकिन वे इतनी आसानी से बड़ी नहीं होंगी। इसलिए महिलाएं बिना किसी डर के भारी वजन उठा सकती हैं।

#2

क्या कार्डियो ही सबसे अच्छा व्यायाम है?

कई लोग मानते हैं कि कार्डियो ही सबसे अच्छा व्यायाम है और इससे ही वजन कम होता है। हालांकि, यह सही है कि कार्डियो वजन घटाने में मदद करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अन्य व्यायाम अहम नहीं होते। वजन उठाना, योगा या पिलाटिस जैसी व्यायाम भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के लिए कार्डियो के साथ-साथ मांसपेशियों की व्यायाम भी जरूरी है।

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#3

क्या महिलाएं स्क्वाट और डेडलिफ्ट जैसी व्यायाम न करें?

बहुत से लोग महिलाओं को स्क्वाट और डेडलिफ्ट जैसी व्यायाम करने से मना करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे शरीर का आकार बिगड़ जाएगा या मांसपेशियां बहुत बड़ी हो जाएंगी। यह पूरी तरह गलत है। सही तरीके से की गई व्यायाम से न केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि शरीर का संतुलन भी बेहतर होता है। इसके अलावा ये व्यायाम दिल की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं।

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#4

क्या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर वजन बढ़ जाता है?

कई लोग मानते हैं कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर वजन बढ़ जाता है, जबकि असलियत में ऐसा नहीं होता। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर होता है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि वे इन गलत धारणाओं से प्रभावित न हों और सही जानकारी के आधार पर अपनी फिटनेस यात्रा जारी रखें। इससे न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

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