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बच्चे अपने माता-पिता से बातें शेयर करने से क्यों कतराते हैं? ये हो सकती हैं वजह
बच्चों के माता-पिता से बातें छिपाने के कारण

बच्चे अपने माता-पिता से बातें शेयर करने से क्यों कतराते हैं? ये हो सकती हैं वजह

लेखन सयाली
May 03, 2026
11:57 am

क्या है खबर?

बच्चों का अपने माता-पिता के साथ खुलकर बातें करना और अपनी भावनाएं साझा करना उनके मानसिक स्वास्थ्य और विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। हालांकि, कई बार बच्चे अपने माता-पिता से कुछ भी साझा करने से मना कर देते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इस लेख में हम उन आदतों के बारे में जानेंगे, जो माता-पिता को पता चलने से पहले ही बच्चों को उनसे दूर कर देती हैं।

#1

बच्चों की भावनाओं को अनदेखा करना

बच्चों की भावनाओं को अनदेखा करना एक बड़ी गलती है, जो माता-पिता अक्सर करते हैं। जब बच्चे अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं तो उन्हें सुनना और समझना बहुत जरूरी होता है। अगर माता-पिता उनकी बातों को अनदेखा करते हैं या उन्हें हल्का-फुल्का समझकर टाल देते हैं तो बच्चे धीरे-धीरे अपने माता-पिता से दूर हो जाते हैं और अपनी बातें किसी और से साझा करना पसंद करते हैं। इससे आपसी समझ पर भी असर पड़ता है।

#2

गलतियों पर बार-बार टोकना

अगर माता-पिता अपने बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों पर बार-बार टोकते रहते हैं तो इससे बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी कम हो जाता है और वे अपने माता-पिता से बातें करना बंद कर देते हैं। बच्चों की गलतियों को सुधारने का सही तरीका यह है कि उन्हें प्यार और समझदारी से समझाया जाए, न कि बार-बार टोककर। इससे वे अपने माता-पिता पर भरोसा करेंगे और अपनी बातें उनके साथ साझा करेंगे।

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#3

समय की कमी

माता-पिता का अपने बच्चों के लिए समय निकालना बहुत अहम है। अगर वे हमेशा व्यस्त रहते हैं या काम के बहाने से बच्चों से दूर रहते हैं तो इससे बच्चे खुद को अकेला महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि उनके माता-पिता उनको अहमियत नहीं देते, जिससे वे अपनी बातें साझा करना बंद कर देते हैं। बच्चों को यह एहसास दिलाना जरूरी है कि वे हमेशा उनके लिए पहली प्राथमिकता हैं।

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#4

भरोसा तोड़ना

बच्चों का भरोसा जीतना आसान नहीं होता, लेकिन एक बार टूट जाए तो उसे वापस पाना मुश्किल हो जाता है। अगर माता-पिता बच्चे द्वारा बताई गई बातों को दूसरों के सामने उजागर करते हैं या उनकी बातों को मजाक में लेते हैं तो इससे बच्चा अंदर ही अंदर टूट जाता है। इसलिए, बच्चों की बातें सुनने के बाद उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए कि वे जो भी कह रहे हैं, वह सिर्फ उनके बीच की बात है।

#5

प्यार की कमी

प्यार की कमी होना किसी भी रिश्ते को कमजोर बना देती है। अगर माता-पिता अपने बच्चों को पर्याप्त प्यार नहीं देते या उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं करते तो बच्चे धीरे-धीरे उनसे दूर होने लगते हैं। इसलिए, जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को बिना शर्त प्यार दें और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनें। इससे बच्चे खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे और अपने माता-पिता पर पूरा भरोसा करेंगे।

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