क्या होता है जब किडनी की क्षमता हो जाती है 50 प्रतिशत से कम? जानें प्रभाव
क्या है खबर?
किडनी हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है, जो खून को साफ करके शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालती है। अगर किसी कारण से किडनी की क्षमता 50 प्रतिशत से कम हो जाती है तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है, जिसे गुर्दे की बीमारी कहा जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि किडनी की क्षमता कम होने पर क्या-क्या लक्षण होते हैं और इससे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
#1
पेशाब में बदलाव
जब किडनी की क्षमता कम होती है तो पेशाब करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। पेशाब की मात्रा में कमी आ सकती है या फिर इसमें खून भी आ सकता है। इसके अलावा पेशाब का रंग भी बदल सकता है, जो कि गहरा लाल या भूरे रंग का हो सकता है। इस बदलाव को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि सही इलाज मिल सके और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
#2
थकान और कमजोरी महसूस होना
किडनी की क्षमता कम होने पर शरीर से हानिकारक तत्व पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। आपको रोजमर्रा के काम करने में भी कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा आपको बार-बार चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ और दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, ताकि सही इलाज मिल सके।
#3
सूजन आना
किडनी की क्षमता कम होने पर शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे हाथ-पैरों में सूजन आ सकती है। यह सूजन खासकर टखनों और पैरों की त्वचा पर दिखाई देती है। इसके अलावा चेहरे पर भी हल्की सूजन हो सकती है। इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, ताकि सही इलाज मिल सके और सूजन को कम किया जा सके। नियमित जांच और सही खान-पान से भी मदद मिल सकती है।
#4
उच्च रक्तचाप होना
किडनी की क्षमता कम होने पर रक्तचाप बढ़ सकता है, जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। उच्च रक्तचाप से दिल पर दबाव बढ़ता है, जिससे दिल की बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए, नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना जरूरी है, ताकि समय रहते इसका इलाज किया जा सके। इसके अलावा सही खान-पान और व्यायाम से भी रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है।
#5
त्वचा पर खुजली होना
किडनी की क्षमता कम होने पर त्वचा पर खुजली होना आम बात है। यह खुजली बहुत परेशान करती है और बार-बार खरोंचने से त्वचा में संक्रमण हो सकता है। ऐसे में इस खुजली को हल्के में न लें। सही खान-पान और व्यायाम से भी त्वचा की खुजली को कम किया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है, जो इलाज का सही तरीका है।