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पारंपरिक अनाज जो बन सकते हैं सेहतमंद आहार का हिस्सा
सेहतमंद जीवन के लिए खाने में जरूर शामिल करें ये पारंपरिक अनाज

पारंपरिक अनाज जो बन सकते हैं सेहतमंद आहार का हिस्सा

May 20, 2026
05:18 pm

क्या है खबर?

भारत में कई तरह के अनाज उगाए जाते हैं, जिनमें से कुछ बहुत मशहूर हैं, जबकि कुछ को लोग नहीं जानते। ये अनाज न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें पोषण भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इन्हें आप अपने रोजमर्रा के खाने में शामिल करके अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं। आइए आज हम आपको 5 ऐसे पारंपरिक अनाज के बारे में बताते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

#1

रागी (नाचनी)

रागी एक ऐसा अनाज है, जो दक्षिण भारत में बहुत लोकप्रिय है। इसमें हड्डियों को मजबूत करने वाला कैल्शियम, खून बढ़ाने वाला आयरन, पाचन के लिए फाइबर और रोगों से लड़ने वाले तत्व होते हैं। यह वजन कम करने और मधुमेह के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। आप इसे खाने में शामिल करके इसकी सभी खूबियों का लाभ उठा सकते हैं। रागी का उपयोग रागी डोसा, रागी लड्डू और इडली जैसे व्यंजनों में कर सकते हैं।

#2

ज्वार

ज्वार एक ऐसा मोटा अनाज है, जो ग्लूटेन मुक्त होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, खून बढ़ाने वाला आयरन, हड्डियों के लिए कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पाचन को स्वस्थ रखने, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने और त्वचा को पोषण देने में मदद कर सकता है। ज्वार का उपयोग आप ज्वारी रोटी, ज्वारी उपमा और ज्वारी हलवा बनाने में कर सकते हैं। इसके अलावा आप इससे ज्वारी केक भी बना सकते हैं।

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#3

बाजरा

बाजरा ऐसा मोटा अनाज है, जो ग्लूटेन मुक्त होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, खून बढ़ाने वाला आयरन, हड्डियों के लिए कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पाचन को स्वस्थ रखने, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने और त्वचा को पोषण देने में मदद कर सकता है। बाजरे का उपयोग बाजरे की रोटी, बाजरे का हलवा और बाजरे की खीर बनाने में कर सकते हैं। इसके अलावा आप इससे बाजरे का हलवा भी बना सकते हैं।

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#4

कंगनी (कोदो चावल)

कंगनी या कोदो चावल एक ऐसा मोटा अनाज है, जो ग्लूटेन मुक्त होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, खून बढ़ाने वाला आयरन, हड्डियों के लिए कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पाचन को स्वस्थ रखने, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने और त्वचा को पोषण देने में मदद कर सकता है। कंगनी का उपयोग आप कोदो रोटी, कोदो उपमा, कोदो खीर और कोदो हलवा बनाने में कर सकते हैं।

#5

कुट्टू (फाल्सी एग्री)

कुट्टू या फाल्सी एग्री एक ऐसा मोटा अनाज है, जो ग्लूटेन मुक्त होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, खून बढ़ाने वाला आयरन, हड्डियों के लिए कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पाचन को स्वस्थ रखने, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने और त्वचा को पोषण देने में मदद कर सकता है। कुट्टू का उपयोग आप कुट्टू की रोटी, कुट्टू का हलवा और कुट्टू की खीर बनाने में कर सकते हैं।

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