शरीर की अकड़न को दूर कर सकती हैं ये 5 स्ट्रेचिंग आदतें, रोजाना करें अभ्यास
क्या है खबर?
शरीर की अकड़न कई कारणों से हो सकती है, जैसे कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, गलत तरीके से व्यायाम करना या उम्र बढ़ने के कारण। अकड़न से राहत पाने के लिए खिंचाव एक असरदार तरीका है। यह न केवल मांसपेशियों को आराम देती है, बल्कि रक्त के बहाव को भी बढ़ावा देती है। आइए कुछ ऐसी खिंचाव की आदतें जानते हैं, जिन्हें रोजाना अपनाकर आप अपने शरीर की अकड़न को कम कर सकते हैं।
#1
गर्दन का खिंचाव
गर्दन का खिंचाव करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं या बैठ जाएं। अब अपने सिर को धीरे-धीरे दाईं ओर झुकाएं ताकि आपका कान दाईं कलाई को छू सके, फिर बाईं ओर भी इसी तरह करें। इससे गर्दन के दोनों किनारों की मांसपेशियां खिंचती हैं और अकड़न कम होती है। इस प्रक्रिया को हर तरफ 15-20 बार दोहराएं और बीच-बीच में थोड़ा आराम करें। इससे आपकी गर्दन की मांसपेशियां लचीली बनेंगी।
#2
कंधों का खिंचाव
कंधों का खिंचाव करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं या बैठें। अब अपने दाएं हाथ को बाईं ओर ले जाएं और उसे बाईं भुजा के ऊपर से पीछे की ओर पकड़ें। इस स्थिति में 20-30 सेकंड रहें, फिर दूसरे हाथ से भी यही करें। इसके अलावा आप अपने दोनों हाथों को पीछे की ओर फैलाकर भी खिंचाव कर सकते हैं। इससे कंधों की मांसपेशियां खिंचती हैं और अकड़न कम होती है।
#3
पीठ का खिंचाव
पीठ का खिंचाव करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर बैठ जाएं और अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं। अब दोनों हाथ ऊपर की ओर ले जाकर कमर से पीछे की ओर खिंचें, फिर धीरे-धीरे सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें और अपने माथे को घुटनों से सटाने की कोशिश करें। इस अवस्था में 30 सेकंड तक रहें और फिर सामान्य हो जाएं। इसके अलावा आप पीठ के निचले हिस्से को भी खिंच सकते हैं।
#4
पैरों का खिंचाव
पैरों के खिंचाव के लिए जमीन पर बैठकर अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं। अब अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और इसे बाईं जांघ के किनारे पर रखें। इसके बाद अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़कर इसके किनारे पर रखें। अब अपने दोनों हाथों को अपनी दोनों पैरों की उंगलियों तक ले जाने की कोशिश करें। इस अवस्था में 30 सेकंड तक रहें और फिर सामान्य हो जाएं।
#5
कूल्हों की खिंचाव
कूल्हों की खिंचाव करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर बैठ जाएं और अपने दाएं पैर को मोड़कर अपने बाईं जांघ के ऊपर रख लें। अब अपने बाएं घुटने को मोड़कर इसे अपने दाएं कूल्हे के ऊपर से ले जाएं। इस दौरान आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। इसके बाद अपने दाएं हाथ को अपने बाएं पैर के घुटने के ऊपर से गुजारते हुए पीठ के पीछे रखें, वहीं बाएं हाथ को जमीन पर रखें।