गर्मियों के दौरान ठंडक देता है स्वादिष्ट कुलिथ कलान, जानिए इसकी रेसिपी और लाभ
क्या है खबर?
कुलिथ कलान कर्नाटक का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो कुलिथ की दाल से तैयार किया जाता है। यह व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। गर्मियों में कुलिथ कलान का सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र भी ठीक रहता है। आइए इस व्यंजन की आसान रेसिपी जानते हैं और इसके लाभों के बारे में भी विस्तार से बात करते हैं। इसे गर्मी के दौरान खान-पान का हिस्सा जरूर बनाएं।
सामग्री
कुलिथ कलान बनाने के लिए जरूरी चीजें
कुलिथ कलान बनाने के लिए कुछ मुख्य चीजों की जरूरत होती है, जैसे कुलिथ की दाल, गुड़, नारियल का दूध, इलायची, सूखे नारियल का बुरादा, पानी और घी। अगर आप चाहें तो इसमें सूखे मेवे भी डाल सकते हैं, जैसे बादाम, काजू या पिस्ता। इन चीजों का सही अनुपात आपके व्यंजन को और स्वादिष्ट बना देगा और इसे पौष्टिक भी बनाएगा। आप अपनी पसंद अनुसार इन चीजों में बदलाव कर सकते हैं।
विधि
कुलिथ कलान बनाने का तरीका
सबसे पहले कुलिथ की दाल को धोकर पानी में भिगो दें। फिर इसे कुकर में गुड़ और पानी के साथ पकाएं। जब दाल पक जाए तो उसे ठंडा करके पीस लें और मिश्रण को नारियल के दूध, इलायची पाउडर और घी के साथ मिलाएं। अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं, जब तक कि यह गाढ़ा न हो जाए। अंत में इसे सूखे नारियल के बुरादे से सजाकर परोसें।
सेवन
कुलिथ कलान का सेवन कैसे करें?
कुलिथ कलान को सुबह के नाश्ते या दोपहर के भोजन के बाद मिठाई के रूप में खाया जा सकता है। इसे ठंडा या गर्म, दोनों तरह से परोसा जा सकता है। यह व्यंजन विशेष रूप से गर्मियों में बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। इसके नियमित सेवन से आप ऊर्जा से भरपूर रह सकते हैं और गर्मियों की थकान से बच सकते हैं।
फायदे
कुलिथ कलान के सेवन से मिलने वाले फायदे
कुलिथ कलान कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसमें मौजूद गुड़ प्राकृतिक मीठा तत्व है, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है। नारियल का दूध त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल त्वचा को निखारते हैं। इलायची और सूखे मेवे भी इस व्यंजन को और पौष्टिक बनाते हैं, जिससे यह पूरे परिवार के लिए फायदेमंद होता है।