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30 साल से कम उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रहा है ऑस्टियोआर्थराइटिस, जानिए कारण
30 से कम उम्र के लोगों को ऑस्टियोआर्थराइटिस होना

30 साल से कम उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रहा है ऑस्टियोआर्थराइटिस, जानिए कारण

लेखन सयाली
Jun 09, 2026
04:20 pm

क्या है खबर?

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें जोड़ों में होने वाले बदलाव के कारण उनमें दर्द और अकड़न जैसी समस्याएं होने लगती हैं। आमतौर पर यह स्थिति 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में होती है, लेकिन आजकल 30 साल से कम उम्र के लोगों में भी इसका प्रकोप देखने को मिल रहा है। आइए आज हम आपको इसके पीछे के कारण बताते हैं, ताकि समय रहते इससे बचाव किया जा सके।

#1

खान-पान का बिगड़ता संतुलन

आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं रहते हैं और यही लापरवाही ऑस्टियोआर्थराइटिस के खतरे को बढ़ा सकती है। बिगड़े हुए खान-पान के संतुलन से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जो जोड़ों के लिए नुकसानदायक होती है। इसके अलावा जरूरी पोषक तत्वों की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है। तला-भुना खाना इसका एक मुख्य कारण है।

#2

बढ़ता वजन भी है कारण

बढ़ता वजन भी ऑस्टियोआर्थराइटिस का एक मुख्य कारण बन सकता है। ज्यादा वजन के कारण जोड़ों पर अधिक दबाव पड़ता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है। बेहतर होगा कि रोजाना व्यायाम और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। अगर आपको वजन बढ़ने के कारण किसी तरह की समस्या हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

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#3

शारीरिक गतिविधियों की कमी

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो गया है, लेकिन इससे शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। शारीरिक गतिविधियों की कमी से शरीर में रक्त का सही प्रवाह नहीं हो पाता, जो ऑस्टियोआर्थराइटिस का कारण बन सकता है। इसके अलावा मांसपेशियों को मजबूती नहीं मिल पाती, जिससे जोड़ों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप रोजाना कोई न कोई एक्सरसाइज जरूर करें।

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#4

गलत तरीके से उठना-बैठना

अगर आप गलत तरीके से उठते-बैठते हैं तो इससे भी ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है। गलत तरीके से उठने-बैठने से रीढ़ की हड्डी और अन्य जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। आपको हमेशा सीधे खड़े होकर और धीरे से उठने-बैठने की आदत डालनी चाहिए। बैठते समय अपनी पीठ को सीधा रखें और पैरों को जमीन पर रखें, जिससे रीढ़ की हड्डी और अन्य जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है।

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