त्रिफला जूस को डाइट में शामिल करने से मिल सकते हैं ये 5 फायदे
क्या है खबर?
आंवला, हरड़ और बहेड़ा इन तीनों सूखे फलों को मिलाकर त्रिफला पाउडर बनाया जाता है, जो आयरन, कैल्शियम, विटामिन-C, विटामिन-B6, फाइबर, पोटेशियम, मैग्निशियम, जिंक और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। आमतौर पर त्रिफला पाउडर का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है। इससे बनने वाले जूस का सेवन भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं कि त्रिफला जूस का सेवन करने से क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं।
#1
वजन नियंत्रित करने में है सहायक
त्रिफला जूस का सेवन वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। कई अध्ययनों के अनुसार, त्रिफला जूस का सेवन करने से शरीर की चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त यह शरीर में मौजूद अनावश्यक वसा को भी कम कर सकता है। यह जूस मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है, जिससे वजन घटाने में सहायता मिलती है।
#2
पाचन क्रिया को कर सकता है दुरुस्त
त्रिफला जूस का सेवन पाचन क्रिया को ठीक रखने में भी मदद कर सकता है। यह कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में असरदार है।
इसके अलावा यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने में भी मदद कर सकता है। इस जूस का नियमित सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है।
#3
रोग प्रतिरोधक क्षमता को दे सकता है बढ़ावा
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में भी त्रिफला जूस का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
इसका कारण है कि इसमें ऐसे गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।
इसके अलावा इसमें मौजूद तत्व शरीर में खराब बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत भी दे सकता है।
#4
ब्लड शुगर को कर सकता है नियंत्रित
त्रिफला जूस ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा इसमें एक खास तत्व होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकता है। यह जूस मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
#5
कैंसर से बचाव करने में है कारगर
कैंसर से बचाव करने में भी त्रिफला जूस फायदेमंद हो सकता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं, जो कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
इसके साथ ही इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर में कैंसर से संबंधित कोशिकाओं को पनपने से रोकते हैं।
हालांकि, कैंसर रोगियों को डॉक्टरी उपचार को प्राथमिकता देनी चाहिए और किसी भी तरह का घरेलू उपचार अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।