आसान नहीं है जानवरों के स्वास्थ्य की देखभाल, जानिए AI इसे कैसे बदल रहा
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जानवरों की सेहत की देखभाल में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। इसकी मदद से बीमारियों का जल्दी पता लगाना, हर जानवर के हिसाब से इलाज के प्लान बनाना और सेहत की निगरानी करना आसान हो गया है। इस बदलाव का नतीजा यह है कि पालतू जानवरों, मवेशियों और जंगली जीवों की सेहत अब और भी बेहतर हो पा रही है। आइये जानते हैं AI टूल्स इस काम में कैसे आपकी मदद करते हैं।
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पेट पल्स: कुत्तों में किडनी की बीमारी पहचानने में मददगार
एनिमल हेल्थ सेंटर के साथ मिलकर पेट पल्स ने AI का इस्तेमाल करके कुत्तों में किडनी की बीमारी के 500 मामलों का अध्ययन किया। इस तरीके से बीमारी का जल्दी पता लगाने की सटीकता पुराने तरीकों के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा थी। बढ़ी हुई सटीकता के कारण समय पर इलाज शुरू हो पाता है, जिससे बीमार कुत्तों के मरने की दर कम होती है और उनके बचने की संभावना बढ़ जाती है।
#2
रेनलटेक: बिल्लियों में क्रोनिक किडनी रोग का अनुमान लगाना
मार्स पेटकेयर ने बैनफील्ड और ब्लू पर्ल अस्पतालों के लिए रेनलटेक नाम का एक टूल बनाया है, जो लाखों बिल्लियों के खून और यूरिन डाटा पर मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करता है। यह टूल क्रोनिक किडनी रोग का अनुमान 2 साल पहले ही लगा लेता है। यह दूरदर्शी टूल चिकित्सकों को शुरुआती दौर में ही बचाव के उपाय शुरू करने में मदद कर सकता है, जिससे बिल्लियों की सेहत में काफी सुधार होता है।
#3
वाइल्डअलर्ट: जंगली जीवों की बीमारी पर निगरानी
वाइल्डअलर्ट का AI प्लेटफॉर्म कैलिफोर्निया में जंगली जानवरों के इलाज और पुनर्वास के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है। यह घायल चील जैसे मामलों की क्लिनिकल नोट्स का विश्लेषण करके रिपोर्ट्स में पैटर्न ढूंढता है, जिससे बीमारियों के उभरते हुए मामलों का पता पारंपरिक तरीकों से पहले चल जाता है। प्रतिक्रियाशील देखभाल से भविष्य बताने वाली देखभाल की ओर यह बदलाव जंगली जीवों के प्रबंधन के प्रयासों में क्रांति ला सकता है।
#4
बिग रेड बार्क चैटबिग रेड बार्क चैट: कुत्तों की सेहत से जुड़ी सलाह
AWS के साथ मिलकर, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी ने बिग रेड बार्क चैट नाम का एक जनरेटिव AI चैटबॉट बनाया है। इसे जानवरों से जुड़े लेखों और राइनी कैनिन हेल्थ सेंटर के हेल्थ डाटा का इस्तेमाल करके प्रशिक्षित किया गया है। यह कुत्तों के मालिकों को लक्षणों को समझने और आगे क्या करना है, यह जानने में मदद करता है। साथ ही पेशेवर सलाह लेने की भी सिफारिश करता है। यह विशेषज्ञों की जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाता है।
#5
कोवेट्रस पल्स: पशु चिकित्सा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना
कोवेट्रस का पल्स प्लेटफॉर्म AI का इस्तेमाल करता है, ताकि मरीजों के डाटा से अपॉइंटमेंट से पहले सारांश तैयार हो सके और कंसल्टेशन के दौरान सुनने के आधार पर SOAP नोट्स अपने आप बन सकें। यह दवाओं के लिए सिफारिशें भी देता है। क्लिनिकों का कहना है कि इन खूबियों की वजह से हर अपॉइंटमेंट पर 5 मिनट तक की बचत होती है, जिससे वे ज्यादा मरीजों को देख पाते हैं।