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मधुमेह से जुड़े इन भ्रमों को सच मानते हैं लोग, जानिए इनकी सच्चाई
मधुमेह से जुड़े भ्रम और सच्चाई

मधुमेह से जुड़े इन भ्रमों को सच मानते हैं लोग, जानिए इनकी सच्चाई

लेखन अंजली
Mar 19, 2026
01:50 pm

क्या है खबर?

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो खून में शक्कर के स्तर को प्रभावित करती है। इसके कारण शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाती हैं। मधुमेह के बारे में कई गलतफहमियां भी फैली हुई हैं, जिन्हें लोग सच मान लेते हैं। आइए आज हम आपको मधुमेह से जुड़े कुछ भ्रम और उनकी सच्चाई बताते हैं।

#1

भ्रम- मधुमेह परिवार से आता है

कई लोगों का मानना है कि मधुमेह परिवार से आता है। हालांकि, यह आधा सच है क्योंकि टाइप-2 मधुमेह परिवार से आ सकता है, जबकि टाइप-1 मधुमेह ऐसा नहीं होता। टाइप-1 मधुमेह एक ऐसी बीमारी होती है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करता है। इसलिए इसे परिवार से जुड़ा नहीं माना जा सकता। हालांकि, टाइप-2 मधुमेह परिवार से आ सकता है और इसका कारण माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों की अस्वस्थ जीवनशैली हो सकती है।

#2

भ्रम- मधुमेह का कोई इलाज नहीं होता

यह भी सिर्फ एक भ्रम है कि मधुमेह का कोई इलाज नहीं होता। टाइप-2 मधुमेह का इलाज संभव है। इसके लिए आपको सिर्फ अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने होंगे, जैसे कि संतुलित खाना लेना, नियमित रूप से कसरत करना और तनाव से दूर रहना आदि, वहीं टाइप-1 मधुमेह का इलाज नहीं होता, लेकिन इसके प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन का उपयोग किया जाता है।

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#3

भ्रम- मधुमेह से ग्रसित लोगों को फल नहीं खाने चाहिए

फल खाने से खून में शक्कर के स्तर पर बुरा असर पड़ता है, यह बात सच नहीं है। फल प्राकृतिक रूप से मीठे होते हैं और इनमें फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसलिए मधुमेह के रोगियों को फल खाने से नहीं बचना चाहिए, लेकिन उन्हें सीमित मात्रा में फल खाना चाहिए। बेहतर होगा कि वे फल खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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#4

भ्रम- मधुमेह के रोगियों को दूध नहीं पीना चाहिए

कई लोगों का मानना है कि मधुमेह के रोगियों को दूध नहीं पीना चाहिए, लेकिन यह गलत है। दूध प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स का अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को दूध पीने से एलर्जी होती है या पेट में गैस बनती है तो वे दूध न पिएं। इसके अलावा मधुमेह में दूध का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

#5

भ्रम- मधुमेह के रोगियों को बर्फ वाले पेय पदार्थ नहीं पीने चाहिए

कुछ लोग मानते हैं कि बर्फ वाले पेय पदार्थ पीने से मधुमेह नहीं होता, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बर्फ वाले पेय पदार्थों में शक्कर की मात्रा कम होती है। इसलिए मधुमेह में बर्फ के पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है। इस प्रकार इन भ्रमों को सच मानकर जीवनशैली को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। सही जानकारी और जागरूकता के जरिए इन भ्रमों को दूर किया जा सकता है।

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