शरीर में बेहतर रक्त संचार के लिए रोजाना करें इन 5 योगासनों का अभ्यास
क्या है खबर?
शरीर में रक्त का संचार न सिर्फ शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है, बल्कि यह हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। हालांकि, खराब जीवनशैली और खान-पान के कारण रक्त संचार में बाधा आ सकती है। ऐसे में योगासनों का अभ्यास शरीर में बेहतर रक्त संचार को बढ़ाने में मदद कर सकता है। आइए आज हम आपको उन योगासनों के बारे में बताते हैं, जिनका अभ्यास रोजाना करने से रक्त संचार बढ़ेगा।
#1
अधोमुख श्वानासन
सबसे पहले योगा मैट बिछाकर पैरों को आपस में थोड़ा-सा फैलाकर और हाथों को सीधा करके ताड़ासन की स्थिति में खड़े हो जाएं। अब गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे झुककर माथे को घुटनों से छूने की कोशिश करें। इस दौरान रीढ़ की हड्डी को मोड़ें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इस आसन से शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है।
#2
धनुरासन
सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं और हाथों से टखनों को पकड़ें। इसके बाद सांस लेते हुए अपने पैरों को साथ-साथ ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान अपने सिर को भी उठाकर पीठ के साथ-साथ पैरों के साथ ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। यह आसन शरीर में लचीलापन बढ़ाने और रक्त के प्रवाह को सुधारने में मदद करता है।
#3
विपरीतकरणी आसन
इसके लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेटकर पैरों को 90 डिग्री ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रखें कि इस स्थिति में आपके दोनों तलवे आसमान की तरफ ही देखने चाहिए। इसके बाद अपने कूल्हे को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। इस मुद्रा में कम से कम 1-2 मिनट तक रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। यह आसन थकान को दूर करने और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने में सहायक होता है।
#4
वीरभद्रासन
सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को तीन-चार फीट की दूरी तक फैलाकर खड़े हो जाएं और हाथों को कंधे की सीध में फैला लें। इसके बाद दाएं पैर को 90 डिग्री घुमाएं और शरीर को दाईं तरफ घुमाकर गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को पूरी तरह से मोड़ें। थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। यह आसन शरीर में संतुलन और रक्त के प्रवाह को सुधारने में मदद करता है।
#5
पश्चिमोत्तानासन
सबसे पहले योगा मैट पर बैठकर पैरों को आपस में सटाएं और आगे की ओर फैलाएं। अब दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाएं, फिर सांस लेते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को घुटनों से सटाते हुए हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़ने का प्रयास करें। इस मुद्रा में कुछ देर रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। यह आसन शरीर की लचक बढ़ाने और रक्त के प्रवाह में सुधार लाने में सहायक होता है।