सर्दियों में आसानी से उगाएं मटर, जानिए इसका आसान तरीका
क्या है खबर?
मटर एक पौष्टिक और स्वादिष्ट सब्जी है, जो सर्दियों के खान-पान में खास स्थान रखती है। आप अपने घर के बागीचे में इस सब्जी को आसानी से उगा सकते हैं। सर्दियों का मौसम मटर उगाने के लिए सबसे अच्छा समय होता है, क्योंकि इस समय तापमान ठंडा होता है। इस लेख में हम आपको मटर उगाने के कुछ सरल और प्रभावी तरीके बताएंगे, ताकि आप ताजा और अच्छी फसल प्राप्त कर सकें।
#1
सही मिट्टी का करें चयन
मटर के लिए अच्छी मिट्टी का चयन करना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है, जिसमें पानी का सही निकास होना चाहिए। अगर आपकी मिट्टी भारी है तो उसमें रेत मिलाकर उसे हल्का करें, ताकि पानी सही तरीके से बह सके और जड़ें स्वस्थ रहें। इसके अलावा मिट्टी का अम्लीय स्तर भी 6-7 के बीच होना चाहिए, ताकि पौधे अच्छे से बढ़ सकें और अच्छी मटर उगे।
#2
ऐसे चुनें बीज
मटर के बीजों का चयन करते समय ध्यान रखें कि वे ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले हों। बाजार में कई प्रकार के मटर के बीज उपलब्ध होते हैं, जिनमें हरे, पीले और गोल आकार वाले बीज शामिल होते हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी बीज चुन सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि वे स्थानीय मौसम के अनुकूल हों, ताकि वे बेहतर तरीके से विकसित हो सकें। इसके अलावा बीज खरीदते समय उनकी पैकेजिंग और उत्पादन तिथि भी देखें।
#3
तय करें रोपण का समय
सर्दियों में मटर रोपण करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से नवंबर तक होता है। इस समय तापमान 10-20 डिग्री सेल्सियस रहता है, जो मटर के लिए सही माना जाता है। अगर आप इसे सही समय पर रोपित करते हैं तो पौधे जल्दी विकसित हो सकते हैं और अच्छी उपज दे सकते हैं। इसके अलावा ठंडे मौसम में बीजों के अंकुरित होने की प्रक्रिया भी बेहतर होती है, जिससे आपको ताजे और स्वादिष्ट मटर मिलते हैं।
#4
डालें पर्याप्त पानी
मटर के पौधों को नियमित रूप से पानी देना सबसे जरूरी है। हालांकि, ध्यान रखें कि पानी अधिक न हो, क्योंकि इससे जड़ें सड़ सकती हैं। पौधों को दिन में 2 बार यानि सुबह और शाम थोड़ा पानी दें। इसके अलावा बारिश के पानी का भी ध्यान रखें, ताकि मिट्टी हमेशा नम रहे और गीली न हो। सही मात्रा में पानी देने से मटर के पौधे स्वस्थ रहते हैं और अच्छी उपज देते हैं।
#5
खाद का करें उपयोग
मटर के पौधों को पोषण देने के लिए समय-समय पर खाद डालते रहना चाहिए। ऐसा करने से वे स्वस्थ रहते हैं और अच्छी उपज देते हैं। जैविक खाद जैसे गोबर की खाद या कंपोस्ट सबसे अच्छा विकल्प होती हैं, क्योंकि ये पौधों को प्राकृतिक रूप से पोषण प्रदान करती हैं। इसके अलावा रासायनिक खाद का उपयोग सीमित करें, क्योंकि इससे मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो सकती है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।