उदयपुर जाएं तो इन 5 व्यंजनों का जरूर लें स्वाद, नहीं भूल पाएंगे मजा
क्या है खबर?
राजस्थान में स्थित उदयपुर 'झीलों के शहर' के नाम से जाना जाता है। यह अपनी खूबसूरत झीलों, महलों और हरे-भरे बागों के लिए मशहूर है। यहां का खाना भी बहुत खास है। अगर आप शाकाहारी हैं तो उदयपुर में आपके लिए कई स्वादिष्ट विकल्प हैं। यहां के स्थानीय व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि इनमें राजस्थानी संस्कृति की झलक भी मिलती है। आइए उदयपुर के 5 ऐसे व्यंजनों के बारे में जानते हैं, जो आपको बहुत पसंद आएंगे।
#1
दाल बाटी चूरमा
दाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे मशहूर व्यंजन है। इसमें दाल, गेहूं के आटे की गोलियां और मीठा चूरमा शामिल है। दाल को धीमी आंच पर पकाया जाता है, जबकि बाटी को तंदूर में बनाया जाता है। चूरमा गन्ने की चीनी और घी से बनाया जाता है। इस व्यंजन का स्वाद लाजवाब है और यह आपको एक अलग ही अनुभव देगा। उदयपुर में कई खाने के स्थानों पर यह व्यंजन मिलता है, जहां आप इसका आनंद ले सकते हैं।
#2
गट्टे की सब्जी
गट्टे की सब्जी भी एक लोकप्रिय राजस्थानी व्यंजन है, जिसे बेसन से बने छोटे-छोटे गट्टे डालकर बनाया जाता है। इसमें दही की ग्रेवी होती है जो इसे खास बनाती है। यह सब्जी रोटी या चावल दोनों के साथ खाई जा सकती है। उदयपुर में कई खाने के स्थानों पर यह व्यंजन मिलता है, जहां आप इसका आनंद ले सकते हैं। गट्टे की सब्जी का स्वाद तीखा और मसालेदार है, जो इसे और भी लजीज बनाता है।
#3
केर सांगरी
केर सांगरी एक अनोखा व्यंजन है, जिसमें केर (बेर) और सांगरी (सूखी फली) का उपयोग किया जाता है। यह व्यंजन सूखे मसालों से बनाया जाता है, जो इसे तीखा और स्वादिष्ट बनाता है। केर सांगरी को रोटी या परांठे के साथ खाया जा सकता है। उदयपुर में कई खाने के स्थानों पर यह व्यंजन मिलता है, जहां आप इसका आनंद ले सकते हैं। इस व्यंजन का अनोखा स्वाद और खुशबू आपको एक अलग ही अनुभव देगा।
#4
मावा कचौड़ी
मावा कचौड़ी एक मीठा व्यंजन है, जिसे खास मौसमी मावा से बनाया जाता है। इसमें खोया, चीनी और सूखे मेवे भरकर तली जाती है। यह कचौड़ी बाहर से कुरकुरी होती है और अंदर से नरम होती है। उदयपुर में कई खाने के स्थानों पर यह व्यंजन मिलता है, जहां आप इसका आनंद ले सकते हैं। इस मीठे व्यंजन का स्वाद और खुशबू आपको एक अलग ही अनुभव देगा। यह कचौड़ी त्योहारों पर भी खासतौर पर बनाई जाती है।
#5
घेवर
घेवर एक पारंपरिक मीठा व्यंजन है, जो त्योहारों पर खासतौर पर बनाया जाता है। इसे घी और आटे से बनाया जाता है और इसमें चीनी की चाशनी डाली जाती है। उदयपुर में भी यह मीठा व्यंजन मिलता रहता है। इन सभी व्यंजनों का स्वाद इतना लाजवाब है कि आप इन्हें खाए बिना लौटना नहीं चाहेंगे। उदयपुर आने वाले पर्यटकों को इन सभी व्यंजनों का जरूर आनंद लेना चाहिए ताकि वे राजस्थानी संस्कृति को करीब से समझ सकें।