
गाजियाबाद: प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, घर में दफनाया शव सालों बाद मिला
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अवैध संबंधों में हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा को भी मात दे सकती है।
यहां 2018 में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी और उसका शव घर में दफना दिया, जिसके कारण पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला और केस को बंद कर दिया गया।
अब चार साल बाद मामले को दोबारा खोलने पर पूरी वारदात का खुलासा हुआ है।
मामला
सितंबर, 2018 में लापता हुए थे चंद्रवीर
मामला गाजियाबाद के सिकरोड़ गांव का है। गांव के निवासी चंद्रवीर 28 सितंबर, 2018 को लापता हो गए थे जिसके बाद सिहानी गेट थाने में अपहरण की FIR दर्ज कराई गई थी।
शिकायत मिलने के बाद पुुलिस ने चंद्रवीर को ढूढ़ने की खूब कोशिश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसने केस को बंद कर दिया।
अब चार साल बाद जिला पुलिस प्रमुख के अनसुलझे मामलों को फिर खोलने का आदेश देने पर पूरी वारदात सामने आई है।
जानकारी
दोबारा जांच में चंद्रवीर की बेटी ने जताया मां और चाचा पर शक
पुलिस के दोबारा जांच शुरू करने पर चंद्रवीर की बेटी ने अपनी मां सविता (40) और पड़ोसी चाचा अरूण (35) पर शक जाहिर किया। उसके शक के आधार पर सविता और अरुण को गिरफ्तार किया गया जिन्होंने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया।
अवैध संबंध
सविता और अरुण को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ चुका था चंद्रवीर
पुलिस की पूछताछ में अरुण ने बताया कि उसके 2017 से सविता के साथ अवैध संबंध थे। उसने कहा कि पहले तो किसी को इसके बारे में पता नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे सबको इसकी खबर होने लगी।
उसने कहा कि चंद्रवीर कई बार उसे और सविता को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ चुका था, जिसके कारण वह सविता को पीटता भी था।
इससे परेशान होकर उन्होंने चंद्रवीर की हत्या करने की साजिश रच डाली।
हत्या
28 सितंबर को अरुण ने सोते हुए चंद्रवीर को मारी गोली
साजिश के तहत जब चंद्रवीर 28 सितंबर, 2018 को नशे में धुत घर आया तो सविता ने फोन करके अरुण को अपने घर बुला लिया।
अरुण छत के रास्ते उसके घर पहुंचा और देशी तमंचे से सोते हुए चंद्रवीर के सिर में गोली मार दी। खून जमीन पर न बिखरे, इसके लिए सविता ने पहले से ही चारपाई के नीचे एक बाल्टी रख दी थी और चंद्रवीर के सिर का सारा खून इसी बाल्टी में गिरा।
शव
अरुण ने अपने घर में छह फुट का गड्ढा खोद दफनाया शव
चंद्रवीर की हत्या करने के बाद सविता और अरुण बाहर ये देखने आए कि गोली चलने की आवाज सुनकर कोई जाग तो नहीं गया है। लेकिन किसी को गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी थी क्योंकि अरुण ने बंदूक पर कपड़ा लपेटकर गोली चलाई थी।
चंद्रवीर के शव को ठिकाने लगाने के लिए भी अरुण ने पहले से ही अपने घर में छह फुट गहरा गड्ढा खोद दिया था और सविता के साथ शव को इसी में दफना दिया।
सबूत मिटाना
कड़ा निकालने के लिए अरुण ने काटा चंद्रवीर का हाथ
चंद्रवीर अपने हाथ में चांदी का एक कड़ा भी पहनता था जिस पर उसका नाम लिखा हुआ था। सविता और अरुण को लगा कि अगर कभी राज खुला तो कड़े की मदद से चंद्रवीर के शव की शिनाख्त हो जाएगी।
इससे बचने के लिए अरुण ने पहले तो कड़े को उतारने की कोशिश की, लेकिन जब ये नहीं उतरा तो उसने हाथ ही काट दिया और उसे गांव की एक केमिकल फैक्ट्री के पास फेंक आया।
जानकारी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी, शव बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं अरुण के घर से गड्ढा खोद कर चंद्रवीर का शव बरामद कर लिया गया है और उसकी DNA जांच की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल हुई पिस्तौल और कुदाल भी बरामद कर ली गई हैं।