क्या रूस से तेल खरीद में कटौती करेगा भारत? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
क्या है खबर?
भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि बाजार की स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बयान अमेरिका के उस दावे पर आया है जिसमें कहा गया था कि भारत रूसी तेल का आयात बंद करने पर सहमत हो गया है। अमेरिका रूस पर युद्ध में तेल राजस्व का उपयोग का आरोप लगाता आया है।
बयान
विदेश मंत्रालय ने क्या दिया बयान?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "जहां तक भारत की ऊर्जा स्रोतों का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने कहा, "बाजार की वस्तुनिष्ठ परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के सभी कदम इसी पर निर्भर हैं।"
टैरिफ
भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर कम करेगा टैरिफ
अमेरिका ने रूसी तेल की भारतीय खरीद पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को खत्म करने की घोषणा की है। अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और विभिन्न खाद्य एवं कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करेगा या समाप्त करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल आदि शामिल हैं। इस समझौते से दोनों देशों में थोड़ा तनाव कम हुआ है।
दावा
भारत किसी भी आपूर्तिकर्ता से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र
इससे पहले रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि भारत किसी भी आपूर्तिकर्ता से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत हमेशा से कई देशों से पेट्रोलियम उत्पाद प्राप्त करता रहा है और कहा, "हमें इसमें कुछ भी नया नहीं दिखता। यह वैश्विक बाजार की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की भारत की रणनीति का हिस्सा है।"