डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ से जुड़ा कानून क्यों रोका, हमें क्या फायदा?
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिंडसे ओ ग्राहम अधिनियम के तहत कई प्रतिबंधों, सीमाओं और शुल्कों को माफ कर दिया है। इस अधिनियम में भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का प्रावधान था। ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के तहत अधिनियम की धारा 112 और 113 के अंतर्गत लगाए गए शुल्कों और धारा 102(घ) के अंतर्गत लगाए गए प्रतिबंधों और पाबंदियों को छूट दी है। आइए भारत पर इसका असर समझते हैं।
वजह
ट्रंप ने क्यों लिया फैसला?
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका के मध्यावधि चुनाव और डीजल की बढ़ती कीमत को माना जा रहा है।
दरअसल, अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव है। इससे पहले डीजल की बढ़ती कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं।
सितंबर में कीमतें रिकॉर्ड 6.52 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गईं। चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन पर कीमतें कम करने का दबाव है। इसी के बाद अब रूसी प्रतिबंधों में ढील दी गई है।
विशेषज्ञ
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
इंडियन एक्सप्रेस से ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, "यह निर्णय अमेरिकी व्यापार नीति के मूल में निहित अनिश्चितता को उजागर करता है। अमेरिकी हित ही तय करते हैं कि दंड कब लागू होंगे, जबकि जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होती है। भारत को बार-बार दबाव का सामना करना पड़ सकता है जब तक वह यह साबित न कर दे कि दबाव डालने की भी कीमत चुकानी पड़ती है।"
डीजल
विशेषज्ञों ने कहा- डीजल की कीमतें सबसे बड़ी वजह
इंडियन एक्सप्रेस से भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) की प्रोफेसर अर्पिता मुखर्जी ने कहा, "हालांकि अमेरिकी कंपनियां यूरोपीय संघ की प्रतिबंधित सूची में शामिल कुछ भारतीय कंपनियों के साथ भी काम करती हैं, लेकिन अमेरिका अपने रुख में नरमी ला रहा है क्योंकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले घरेलू और वैश्विक ईंधन की कीमतों को शांत करने के लिए रूस के साथ एक द्विपक्षीय डीजल आपूर्ति समझौता हो गया है।"
असर
भारत पर क्या होगा असर?
अमेरिक रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर बार-बार भारत पर दबाव बनाता रहा है। अमेरिका और भारत के व्यापार समझौते में भी ये मुद्दा बड़ी बाधा था।
इस फैसले के बाद भारत अब अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने की बेहतर स्थिति में हो सकता है।
भारत के लिए तात्कालिक राहत ये रहेगी कि उसे 100 प्रतिशत तक टैरिफ का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, ये केवल अस्थायी रोक रहेगी।
कानून
क्या है ग्राहम कानून?
इस कानून के तहत रूस से तेल-गैस खरीदने वाले शीर्ष 5 खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इसमें भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल है।
इस विधेयक पर ट्रंप ने 18 सितंबर को हस्ताक्षर किए थे। इस कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा निर्यात को कम करना और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए उसे बातचीत के लिए मजबूर करना था।
हालांकि, किस देश पर कितना टैरिफ लगेगा इसका अंतिम फैसला राष्ट्रपति को लेना था।