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भारत में 2026 की गर्मी अन्य साल की तुलना में अधिक गर्म क्यों लग रही है?
भारत में 2026 की गर्मी अन्य साल की तुलना में अधिक गर्म है

भारत में 2026 की गर्मी अन्य साल की तुलना में अधिक गर्म क्यों लग रही है?

Apr 27, 2026
04:08 pm

क्या है खबर?

पूरा देश इस समय भीषण गर्मी से झुलस रहा है। हीट वेव यानी लू पूरे देश को चपेट में ले लिया है, जिससे लोग बेहाल हो रहे हैं। एक्यूआई डॉट इन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 98 भारत में स्थित हैं, जिससे बढ़ते तापमान के प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई जगहों पर रात 12:30 बजे भी तापमान 45 डिग्री पहुंच रहा है। आइए भीषण गर्मी का कारण जानते हैं।

हालात

भीषण गर्मी से उबल रहे हैं भारतीय शहर

भारत भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां कई क्षेत्रों में तापमान पहले ही 42-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि गर्मी का चरम समय आने में अभी कुछ सप्ताह बाकी है। सबसे बुरी हालत उत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत के शहरों की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों के लिए अगले 3 दिनों तक भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है और राहत की कोई उम्मीद नहीं है।

संख्या

दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में भारत के 98

एक्यूआई डॉट इन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में से 98 भारत में हैं। इस सूची में सबसे ऊपर ओडिशा के राजगांगपुर और बालांगीर हैं। उसके बाद उत्तर प्रदेश का बांदा और मध्य प्रदेश का गोहद शहर हैं। इन सभी शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र में अमरावती, भुसावल और नांदेड़ भीषण, तेलंगाना के आदिलाबाद में तापमान 41 डिग्री और राजधानी दिल्ली में तापमान 39-42 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।

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बेहाल

भीषण गर्मी ने लोगों को किया बेहाल

भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। गर्मी के कारण 24 अप्रैल को बिजली की खपत चरम पर पहुंच गई। भारत के ग्रिड नियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को बिजली की मांग 252.1 गीगावाट तक पहुंच गई, जो उससे एक दिन पहले दर्ज की गई 240.1 गीगावाट से अधिक है। भारत के विद्युत मंत्रालय के अनुसार, तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ेगी और इसके 270 गीगावाट के उच्च शिखर पर पहुंचने की उम्मीद है।

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कदम

क्या उठाए जा रहे हैं एहतियाती कदम?

भीषण गर्मी के चलते कई शहरों के स्कूलों को अपनी छुट्टियों की योजना बदलनी पड़ रही है। मुंबई के GD सोमानी मेमोरियल स्कूल के प्रिंसिपल ब्रायन सीमोर ने इंडिया टुडे से कहा, "देश में जलवायु परिवर्तन कहर बरपा रहा है। गर्मी की छुट्टियों के बारे में व्यावहारिक रूप से निर्णय लेना चाहिए।" दिल्ली-NCR कुछ स्कूलों ने कक्षाओं का समय बदल दिया। सोमवार से स्कूलों का समय सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है।

अपील

IMD ने लोगों से की यह खास अपील

IMD ने लोगों से यथासंभव घर के अंदर रहने, बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने को कहा है। लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें लू लगना भी शामिल है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गर्मी से बचने के लिए लोगों को अपनी जेब में एक प्याज रखना को कहा है। उन्होंने कहा है कि यह आयुर्वेदिक नुस्खा है और हमारा आयुर्वेद लगातार प्रगति कर रहा है।

कारण

क्या है भारत में अत्यधिक गर्मी पड़ने का कारण?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर पड़ना है। पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर पश्चिम से बादल, बारिश और ठंडी हवाएं लाता है, खासकर उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भारत में। बादलों की कमी से जमीन तेजी से गर्म हो रही है और तापमान बढ़ रहा है। ऊष्मा गुंबद प्रभाव भी अन्य कारण है। उच्च दबाव प्रणालियां सतह के पास गर्म हवा को रोक रही हैं, जिससे वह ठंडी नहीं हो पा रही है।

राहत

क्या आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी?

IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। 28 अप्रैल से पश्चिमी और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस प्रणाली के कारण 28 अप्रैल को छिटपुट स्थानों पर बारिश होगी और हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो 29 अप्रैल को बढ़कर 40-50 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। बारिश की गतिविधि 2 मई तक जारी रहने की संभावना है।

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