कौन थे अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव, जिन्होंने राजनीति में नहीं बनाया करियर?
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार तड़के लखनऊ में निधन हो गया। वह मात्र 38 साल के थे। प्रतीक भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे। अपर्णा कुछ साल पहले समाजवादी पार्टी से बगावत करके भाजपा में शामिल हुई थीं। प्रतीक हमेशा राजनीतिक मंचों से दूर रहे और अपना अलग क्षेत्र में करियर बनाया। कौन थे प्रतीक? आइए, जानते हैं।
पहचान
मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे प्रतीक
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी थीं, जिनसे उनके बेटे अखिलेश यादव हैं। मालती देवी का 2003 में निधन होने के बाद मुलायम ने 2007 में साधना गुप्ता को अपनी दूसरी पत्नी का दर्जा और प्रतीक यादव को अपना बेटा बताया था। साधना मुलायम के जीवन में 1988 में आई थीं, इसलिए अखिलेश जीवन भर उनको अपने परिवार में दरार का अहम कारण मानते रहे। साधना का निधन 2022 में हुआ था।
शिक्षा
प्रतीक ने इंग्लैंड में की पढ़ाई, 2011 में शादी
प्रतीक ने लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई और बाद में Bcom किया। तब स्कूल में उनके पिता के नाम के आगे एमएस यादव लिखा था। इसके बाद वे इंग्लैंड चले गए और लीड्स विश्वविद्यालय से मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल की। प्रतीक ने 8 साल के प्रेम संबंध के बाद 2011 में अपर्णा बिष्ट (अपर्णा यादव) से शादी की थी। उनकी एक बेटी है। तब विवाह समारोह में काफी बड़ी हस्तियां आई थीं।
व्यवसाय
राजनीति छोड़कर फिटनेस में बनाया करियर
प्रतीक को जिम में पसीना बहाना और गाड़ियों का शौक था। वे अक्सर अपनी तस्वीरों को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते थे। उनको सितंबर 2012 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त बॉडीबिल्डिंग वेबसाइट ने उन्हें 'इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ' बताया था। उन्होंने आगे चलकर रियल एस्टेट और फिटनेस व्यवसाय शुरू किया और लखनऊ में द फिटनेस प्लेनेट नाम से जिम चलाया। उन्होंने पशु कल्याण की गतिविधियों से जुड़े रहे और बेसहारा जानवरों के लिए 'जीव आश्रय' नामक संगठन चलाया।
शादी
शादी और विवाद
प्रतीक ने जब 2011 में अपर्णा बिष्ट से 8 साल के प्रेम संबंध के बाद शादी की थी, तब उनके विवाह समारोह में राजनीति, व्यापार और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियों को बुलाया गया था। उनके रिश्ते में तनाव का पता इस साल जनवरी में चला, जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी को 'मतलबी महिला' बताया और कहा कि वह शोहरत पाना चाहती हैं। हालांकि, कुछ दिन बाद ही उन्होंने इंस्टाग्राम पर बताया कि उनका विवाद सुलझ गया है।
मौत
अचानक हुई मौत को लेकर कई सवाल
प्रतीक फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। कुछ दिन पहले ही वह मेदांता से इलाज कराकर घर लौटे थे। बुधवार को तड़के 4 बजे वह घर के किचन में बेहोश पड़े मिले। इसके बाद उन्हें हजरतगंज स्थित अस्पताल लाया गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने इसे संदिग्ध जहर का मामला बताया है। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (KGMU) में 4 डॉक्टरों की टीम ने उनका पोस्टमॉर्टम किया है।
पत्नी
क्या पत्नी के भाजपा में जाने से खफा थे प्रतीक?
अपर्णा पहले समाजवादी पार्टी में सक्रिय थीं और 2017 में लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी ने हराया था। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में चली गईं। इसके बाद उनको राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्ष का पद दिया गया। भाजपा में जाने के बाद से प्रतीक-अपर्णा के रिश्तों में तनाव दिख रहा था। जनवरी में प्रतीक ने प्रसिद्धि की चाहत को लेकर आरोप भी लगाया था।