बडगाम में मारा गया लश्कर आतंकी हाशिम मूसा कौन था, पहलगाम हमले से क्या है जुड़ाव?
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में बुधवार को सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को ढेर कर दिया। पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मूसा का स्केच जारी किया था और उसे हमले में शामिल बताया था, लेकिन बाद में पता चला कि मूसा हमले में शामिल नहीं था। तो हाशिम मूसा कौन है और उसका पहलगाम हमले से क्या जुड़ा था? आइए, जानते हैं।
पहचान
कब मारा गया हाशिम मूसा?
भारतीय सेना की चिनार कोर ने बुधवार को बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कोरग यूसमर्ग इलाके में 'ऑपरेशन कोरग' शुरू किया था।
तभी जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जबरदस्त मुठभेड़ हुई और मूसा मारा गया।
उसके शव के साथ सुरक्षा बलों को युद्ध जैसी सामग्री भी मिली है।
पहचान
पाकिस्तानी सेना में तैनात था मूसा
मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का जन्म 7 मार्च, 1980 को हुआ था। वह पाकिस्तानी नागरिक है।
उसने साल 2000 में सर्विस नंबर PA-3106947 के तहत पाकिस्तानी सेना में तैनाती ली थी और 2023 में हवलदार पद पर रहते हुए उसे निकाल दिया गया था।
उसने 2005 में पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप(SSG) में पैराकमांडो के रूप में काम किया था। उसने 4 कमांडो 'यलगार' बटालियन के साथ काम किया और 2006 से बलूचिस्तान में तैनात रहा था।
तैनात
बलूचिस्तान में विद्रोहियों को मारने का श्रेय
मूसा ने बलूचिस्तान में तैनाती के दौरान बलूच विद्रोहियों के खिलाफ लगभग 10 ऑपरेशन में हिस्सा लिया था। उसे पाकिस्तान 13 लोगों को मारने का श्रेय देती है।
वर्ष 2006 और 2009 के बीच मूसा ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम के सदस्य के तौर पर भी काम किया था।
पाकिस्तानी सेना से 2023 में हटाए जाने के बाद वह लश्कर में शामिल हुआ और सितंबर में जम्मू-कश्मीर में अवैध तरीके से घुसा था।
जांच
क्या पहलगाम हमले में शामिल था मूसा?
पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को 3 पाकिस्तानी आतंकी 26 निर्दोष पर्यटकों को गोली मारने के बाद फरार हो गए थे।
इसके बाद 24 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान, अली भाई उर्फ तल्हा भाई और आदिल हुसैन ठोकर का स्कैच जारी किया था।
इसी में हाशिम मूसा की तस्वीर थी, जिससे यह पता चला कि पहलगाम हमले में मूसा शामिल था, लेकिन बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जांच में तीनों नाम बदल गए।
जांच
'ऑपरेशन महादेव' में मारे जा चुके हैं पहलगाम के तीनों आतंकी
NIA ने अपनी जांच में पाया कि पहलगाम हमले में मूसा, तल्हा और ठोकर नहीं बल्कि फैसल जट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमजा अफगानी शामिल थे।
इसके बाद जुलाई में डाचीगाम के पास फैसल जट, ताहिर और हमजा को 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।
NIA ने दिसंबर 2025 में अपने आरोपपत्र में इन्हीं तीनों पाकिस्तानी नागरिकों को पहलगाम में गोलीबारी करने वाला आतंकी समूह बताया था, जो LeT से जुड़े थे।
संबंध
मूसा का पहलगाम हमले से क्या जुड़ाव था?
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि मूसा लश्कर का कमांडर था, जो पहलगाम हमले में नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर में हुए कई अन्य हमलों में शामिल रहा है।
उसका नाम दिसंबर 2023 में डेरा की गली हमला और मई 2024 में पुंछ वायुसेना काफिले पर हुए हमले में शामिल था।
हालांकि, जांच एजेंसियां ये पता लगा रही है कि मूसा ने पहलगाम हमले में किस तरह शामिल था, क्या उसने कमांडर होने के नाते किसी तरह की मदद मुहैया कराई थी।