कौन हैं उत्तर प्रदेश के 'सिंघम' IPS अजय पाल, जिन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में मचाई हलचल?
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस समय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अजय पाल शर्मा केंद्रीय सुरक्षा बलों से अधिक चर्चा का विषय बन गए हैं। उन्हें चुनाव आयोग ने संवेदनशील दक्षिण 24 परगना में पर्यवेक्षक लगाया है। उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस का 'सिंघम' और मुठभेड विशेषज्ञ भी कहा जाता है। आइए जानते हैं वह कौन हैं और चुनाव में कैसे चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
चर्चा
पश्चिम बंगाल में कैसे चर्चा में आए IPS अजय पाल?
दरअसल, बंगाल चुनाव का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें IPS अजय पाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों को मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह साफ कहते हैं कि किसी ने भी मतदाताओं को परेशान करने की कोशिश की तो उसका उचित इलाज किया जाएगा। इस वीडियो के वायरल होते ही TMC और भाजपा के बीच उनकी तैनाती को लेकर तीखी बहस छिड़ गई।
परिचय
कौन हैं IPS अजय पाल?
अजय पाल 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और अपनी सख्त पुलिसिंग शैली के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था। उनकी दबंग छवि के चलते उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात किया गया है, जो TMC का गढ़ है। वहां की 36 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। वह उत्तर प्रदेश के शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में बतौर पुलिस अधिक्षक (SP) तैनात रह चुके हैं और कई जोखिम भरे अभियानों का नेतृत्व किया है।
पृष्ठभूमि
IPS बनने से पहले दंत चिकित्सक थे अजय पाल
अजय पाल वर्तमान में प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने दर्जनों मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। इसलिए उन्हें 'मुठभेड़ विशेषज्ञ' कहा जाता है। IPS बनने से पहले वह एक दंत चिकित्सक थे और उनके छोटे भाई डॉक्टर थे। 2008 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और दोनों भाइयों का उसमें चयन हो गया। अजय पाल IPS बने तो उनके भाई IAS हैं। दोनों की तैनाती उत्तर प्रदेश में ही है।
सुर्खियां
सुर्खियों में कैसे आए थे IPS अजय पाल?
अजय पाल ने साल 2018 में रामपुर में तैनाती के दौरान सुर्खियां बटोरीं। वह 6 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले आरोपी का पीछा कर रहे थे। उस दौरान एक मुठभेड़ हुई, जिसमें अजयपाल ने आरोपी को 3 गोलियां मारकर पकड़ लिया। उस वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किए गए कई पुलिस अधिकारियों में वह भी शामिल थे। इसके बाद उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत किया गया था।
सिंघम
उत्तर प्रदेश पुलिस के 'सिंघम' कैसे बने अजय पाल?
अजय पाल न केवल आपराधिक गिरोहों पर, बल्कि अपनी खुद की पुलिस फोर्स पर भी कड़ी नजर रखने के लिए जाने जाते हैं। 2018 में नोएडा में तैनाती के दौरान उन्हें पुलिस अधिकारियों के बीच रिश्वत की दरों की एक कथित सूची मिली थी। वह एक रात सादे कपड़ों में ऑटो रिक्शा से शहर में घूमें। उस दौरान उन्होंने एक उप निरीक्षक को रंगे हाथों पकड़कर निलंबित कर दिया। उसके बाद से ही पुलिस उनकी पहचान 'सिंघम' की बन गई।
जानकारी
अजय पाल ने 9 अपराधियों को मुठभेड़ में मारा
2021 में साक्षात्कार में अजय ने 9 मुठभेड़ों में अपराधियों के मारे जाने का दावा किया था। इसी तरह अन्य मुठभेड़ों में 190 कथित अपराधियों के घायल होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि ये मुठभेड़ें स्वेच्छा से नहीं, बल्कि महज संयोग थी।
आरोप
अजय पाल पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
हालांकि, अजय पाल का करियर बेदाग नहीं रहा है। फर्जी मुठभेड़ों की शिकायतों के अलावा उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं। साल 2020 में शामली में अकबर नामक एक कथित अपराधी के साथ हुई मुठभेड़ पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। समाजवादी पार्टी ने उसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया था। इसी तरह उन पर पदोन्नति के बदले रिश्वतखोरी में शामिल होने का भी आरोप लगा था। हालांकि, उन पर कभी भी कोई आरोप साबित नहीं हो सका है।
सवाल
TMC ने अजयपाल की नियुक्ति पर उठाए सवाल
अजय पाल को पर्यवेक्षक नियुक्त करने पर TMC ने सवाल खड़े किए हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर वीडियो साझा किए हैं, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कमरे में महिलाओं के साथ नाचते हुए दिखाया गया है। मोइत्रा ने कहा कि वीडियो असली है और कृत्रिम रूप से नहीं बनाया गया है। आरोपों के बावजूद, अजय पाल के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। उनके नाम से बने फेसबुक पेज पर लगभग 1.40 लाख फॉलोअर्स हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें अजय पाल की चेतावनी का वीडियो
Ajay Pal Sharma, the encounter specialist and Singham of UP police, is deployed as police observer of South 24 Parganas. He just read the riot act to Bhaipo’s henchman Jehangir Khan’s family members.
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
Nobody can stop this election from being the most free and fair election in 50… pic.twitter.com/p3WOLLXL6d