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नासिक में TCS से जुड़े BPO उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार HR मैनेजर निदा खान कौन हैं?
TCS से जुड़े BPO उत्पीड़न मामले में HR मैनेजर निदा खान को गिरफ्तार कर लिया गया है

नासिक में TCS से जुड़े BPO उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार HR मैनेजर निदा खान कौन हैं?

Apr 14, 2026
04:39 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ी एक BPO इकाई में महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण कराए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक मानव संसाधन (HR) मैनेजर निदा खान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। HR मैनेजर पर कथित तौर पर महिला कर्मचारियों की शिकायत को नजरअंदाज करने और उसे बढ़ावा देने का आरोप है। ऐसे में आइए पूरा मामले पर नजर डालते हैं।

प्रकरण

क्या है यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का मामला?

इस मामले में 2022 से शिकायतें हो रही थी। हालांकि, इस साल मार्च में एक महिला ने अपने सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध रखने का आरोप लगाया। उसके बाद शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया। अन्य महिला कर्मचारी भी सामने आईं और फिर FIR की संख्या बढ़ गई। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और अब महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) उन आरोपों की जांच कर रही है।

जानकारी

इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी

ACP अपराध संदीप मितके के नेतृत्व वाली SIT के अनुसार, मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में HR मैनेजर निदा खान, पुरुष कर्मचारी शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं।

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आरोप

शिकायतों में क्या-क्या लगाए गए हैं आरोप?

ACP मितके ने बताया कि पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए हैं। कई महिला कर्मचारियों ने सीनियर कर्मचारियों, खासकर टीम लीड्स के एक समूह द्वारा लगातार उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुरुष कर्मचारियों द्वारा बार-बार गलत तरीके से छूने, अश्लील टिप्पणियां करने, छेड़छाड़ करने, शादी के झूठे वादे कर शारीरिक संबंध बनाने, जबरन धर्म परिवर्तन करने और नमाज पढ़ने का दबाव डालने के भी आरोप लगाए हैं।

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मैनेजर

कौन हैं HR निदा और उन पर क्या हैं आरोप?

ACP मितके के अनुसार, BPO की 30 वर्षीय HR निदा को 10 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। वह वर्तमान में SIT की जांच की केंद्र बिंदू हैं। उन्होंने बताया कि निदा पर कर्मचारियों की शिकायतों को संभालने और यौन उत्पीड़न रोकथाम (POHS) मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने इनका पालन करने की जगह शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए अपराधों को बढ़ावा देने में सहयोग किया है।

नजरअंदाज

निदा पर है शिकायतों को बार-बार नजरअंदाज करने का आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं को अब संदेह है कि खान शिकायतों पर कार्रवाई करने और मामले को जानबूझकर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने में विफल रही। मुंबई नाका और देवलाली कैंप पुलिस थानों में दर्ज FIR में कई महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उत्पीड़न की उनकी शिकायतों को बार-बार नजरअंदाज किया गया और उन पर चुप रहने के साथ आरोपियों की बात मानने के लिए HR की ओर से लगातार दबाव डाला गया था।

संबंध

पुणे से हैं निदा के संबंध

पुलिस के अनुसार, निदा के संबंध मुख्य रूप से पुणे से हैं, जहां जांच के दौरान पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान चलाया था, जबकि वह नासिक में कार्यरत थीं। दोनों शहरों के बीच उनकी आवाजाही पर भी जांचकर्ताओं की कड़ी नजर थी। उनकी गिरफ्तारी से पहले उनका लिंक्डइन पेज वायरल हो गया था, जिसमें उपयोगकर्ताओं ने गौर किया कि उन्होंने खुद को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा बताया था और TCS से जुड़ाव का दावा भी किया था।

मशहूर

पुरुष सहकर्मियों में 'लेडी D' के नाम से मशहूर थी निदा

एक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि खान को कुछ पुरुष सहकर्मियों द्वारा 'लेडी D' कहकर पुकारा जाता था। कथित तौर पर यह नाम अंडरवर्ल्ड के सरगना दाऊद इब्राहिम की ओर इशारा करता है, जो महिला कर्मचारियों को निशाना बनाने में कथित रूप से शामिल थ। हालांकि, इनमें से किसी भी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि या आधिकारिक प्रमाण नहीं मिला है। SIT की जांच अभी भी जारी है और सभी एंगल से पड़ताल की जा रही है।

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