कौन हैं जनरल धीरज सेठ, जो बने भारत के नए सेना प्रमुख?
क्या है खबर?
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला है। वे आर्मर्ड कोर (बख्तरबंद कोर) से आने वाले सातवें सेना प्रमुख हैं। उनसे पहले 1997 में आखिरी बार जनरल शंकर रॉय चौधरी ने कोर से इस पद पर तैनाती पाई थी। धीरज वर्तमान में सेना के उप प्रमुख हैं। उन्हें 39 वर्षों से अधिक का सेवा अनुभव है।
सेवानिवृत्त
विदाई समारोह में क्या बोले उपेंद्र द्विवेदी?
पद छोड़ने से पहले सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन्होंने कहा, "आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वे अनुभवी सैनिक और कुशल प्रशासक हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी अगुवाई में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, प्रोफेशनलिज़्म और प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए और भी ऊंचाइयां हासिल करेगी। हमारी सेना परंपराओं से जुड़ी रहेगी और चुनौतियों से सतर्क रहेगी।"
पहचान
सैन्य परिवार से आते हैं जनरल धीरज सेठ
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ एक सैन्य परिवार से आते हैं, जहां पिता-पुत्र दोनों ने एक ही प्रीमियर स्ट्राइक फॉर्मेशन (21वें कोर) की कमान संभाली है।
उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल रह चुके हैं। उन्होंने 21वीं कोर (सुदर्शन चक्र कोर) की कमान संभाली थी। बाद में वे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और त्रिपुरा के राज्यपाल भी रहे थे।
धीरज के भाई भारतीय नौसेना में रियर एडमिरल रवनीश सेठ हैं। धीरज की 2 बेटियां हैं।
करिअर
1986 में सेना में शामिल हुए थे धीरज
धीरज ने मध्य प्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), खड़कवासला और इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) देहरादून से पढ़ाई की।
उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में भी टॉप किया और यंग ऑफिसर्स कोर्स में 'सिल्वर सेंटुरियन' अवॉर्ड प्राप्त किया है।
धीरज को 20 दिसंबर 1986 को सेना में शामिल किया गया और उन्हें बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने कई कमांड संभाले हैं।
पहचान
रेगिस्तान से लेकर जम्मू-कश्मीर तक निभाया दायित्व
धीरज ने ऑपरेशनल, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और रणनीतिक भूमिकाओं में लगभग 40 वर्ष की सेवा दी है।
उन्होंने अपनी पूरी सेवा में रेगिस्तान क्षेत्र में बख्तरबंद कोर में तैनाती, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और 21वीं सुदर्शन चक्र कोर संभाली है।
उन्होंने आर्मी के आधुनिकीकरण, ड्रोन और उभरती टेक्नोलॉजी के एकीकरण, और फ्यूचर वॉरफेयर तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
धीरज एक अप्रैल से उप सेना प्रमुख थे। वे संयुक्त राष्ट्र अंगोला सत्यापन मिशन में 1995-96 तक ऑपरेशंस ऑफिसर रहे हैं।
पदक
कई पदक पा चुके हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज ने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान दोनों का नेतृत्व किया, जिससे वह पश्चिमी मोर्चे पर 2 परिचालन कमान संभालने वाले दुर्लभ सैन्य अधिकारियों बन गए हैं।
उनको 2025 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), 2026 में उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM), 2022 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और आर्मी कमांडर्स की कमेंडेशन्स समेत सामान्य सेवा मेडल, सैन्य सेवा मेडल, विदेश सेवा मेडल, लॉन्ग सर्विस मेडल्स, संयुक्त राष्ट्र मेडल मिल चुका है।
ट्विटर पोस्ट
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अंतिम भाषण
VIDEO | Delhi: At farewell ceremony, outgoing Chief of Army Staff Upendra Dwivedi says, “Today, I am handing over this responsibility to General Dhiraj Seth. He is an experienced soldier and a capable administrator. I have complete confidence that under his leadership, the Indian… pic.twitter.com/InKrX8oCnr
— Press Trust of India (@PTI_News) June 30, 2026