कौन हैं ITBP के शौर्य कमांडो, जो चीन सीमा पर संभाल रहे सुरक्षा की जिम्मेदारी?
क्या है खबर?
भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण झड़पें जारी हैं। इस दौरान कपूर ने शौर्य कमांडो की तारीफ करते हुए कहा कि इन्होंने मौजूदा संघर्षों में 'अनुकरणीय भूमिका' निभाई है। उन्होंने कहा कि यह कमांडो हर बटालियन में होंगे और सैन्यबल को अलग पहचान देंगे। आइए इनके बारे में जानते हैं।
परिचय
कौन होते हैं शौर्य कमांडो?
शौर्य कमांडो ITBP के भीतर गठित विशेष लड़ाकू दल हैं, जिनका उद्देश्य चीन सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में ITBP की क्षमता को मजबूत करना है। खासकर ऐसी स्थिति में जब आमने-सामने की मुठभेड़ हो या खास विशिष्ट प्रतिक्रिया की जरूरत हो।
शौर्य कमांडो दस्ते को भारतीय सेना की घातक प्लाटूनों की तर्ज पर विकसित किया गया है, जिनमें पर्वतीय युद्ध और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाई पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वजह
क्यों महसूस हुई शौर्य कमांडो की जरूरत?
दरअसल, 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद LAC के साथ सीमा प्रबंधन की प्रकृति में एक बड़ा बदलाव आया है।
इसके बाद सुरक्षाबलों को महसूस हुआ कि पारंपरिक सीमा सुरक्षा बटालियनों को एक विशिष्ट और तेज अग्रिम पंक्ति की जरूरत है, जो त्वरित सामरिक हस्तक्षेप, स्थानीय स्तर पर जवाबी जांच और आक्रामक रक्षात्मक युद्धाभ्यास करने में सक्षम हो।
इसी उद्देश्य के लिए ITBP ने शौर्य कमांडो का गठन किया।
तैनाती
कैसे की गई है शौर्य कमांडो की तैनाती?
फिलहाल ITBP ने अपनी तैनाती को इस तरह डिजाइन किया है कि संवेदनशील सीमाओं पर तैनात हर बटालियन में कम से कम एक शौर्य कमांडो टीम शामिल हो।
अरुणाचल प्रदेश में सक्रिय संघर्ष की स्थितियों के दौरान शौर्य कमांडो के महत्व को देखते हुए 2 अतिरिक्त इकाइयां भी गठित की हैं।
ITBP का उद्देश्य अंततः हर बटालियन की विशेष टुकड़ी को एक पूर्ण शौर्य कमांडो की कंपनी तक बढ़ाना है।
प्रशिक्षण
कैसे होता है शौर्य कमांडो का प्रशिक्षण?
तनावपूर्ण स्थितियों में अग्रिम पंक्ति के रूप में काम करने के लिए ये कमांडो सख्त शारीरिक और सामरिक प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जो ऑक्सीजन की कमी और बर्फीले पहाड़ी वातावरण में सहनशक्ति की सीमाओं को बढ़ाता है।
मार्च 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शौर्य कमांडो प्लाटून सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर के साथ मिलकर ऊंचाई वाले अभियानों का संयुक्त प्रशिक्षण ले रही हैं।
इसमें पर्वतारोहण, आधुनिक हथियारों का उपयोग, ड्रोन संचालन और दूसरे युद्ध कौशल शामिल थे।
ITBP
अब ITBP के बारे में जानिए
ITBP गृह मंत्रालय के अधीन एक सीमा सुरक्षा बल है। भारत-चीन युद्ध के बाद अक्टूबर 1962 में इसका गठन किया गया था।
यह 3,488 किलोमीटर लंबी LAC की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
इसके जवान देश के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात रहते हैं, जहां अत्यधिक ठंड, कम हवा, दुर्गम पहुंच और लंबी दूरी नियमित गश्त के साथ-साथ आपातकालीन प्रतिक्रियाओं को जटिल बना देती है।
ITBP में करीब 89,000 सक्रिय जवान हैं।