भारत और न्यूजीलैंड FTA से क्या होगा सस्ता, इससे भारतीय छात्रों को कैसे फायदा होगा?
क्या है खबर?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो गए। यह हस्ताक्षर भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने किए। इस दौरान गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़ा। इसे 'एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता' कहा जा रहा है। आइए जानते हैं इस समझौते से क्या सस्ता होगा और भारतीय छात्रों को कैसे फायदा होगा।
मंजूरी
समझौते को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिलना बाकी
इस समझौते को अभी न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन उम्मीद है कि इसे दोनों दलों का समर्थन प्राप्त हो जाएगा। लागू होने के बाद यह धीरे-धीरे कई क्षेत्रों में शुल्क कम करेगा, जिससे दोनों देशों के लिए बाजार पहुंच में सुधार होगा। इसके लागू होने से आयातित उत्पाद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो जाएंगे। इसी तरह दोनों देशों के बीच पेशेवरों और श्रमिकों के लिए वीजा पहुंच और आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
बयान
FTA पर प्रधानमंत्री मोदी और लक्सन ने दिया बयान
समझौता होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बयान जारी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह FTA दोनों देशों की विकास साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा। समझौते से किसानों, युवाओं, महिलाओं, लघु-मध्यम उद्योग, कारीगरों, स्टार्टअप्स, छात्रों, इनोवेटर्स को बहुत फायदा होगा। यह विकास के नए रास्ते खोलेगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि वह FTA पर हस्ताक्षर के जरिए भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर देख रहे हैं।
सस्ता
भारत-न्यूजीलैंड FTA से क्या होगा सस्ता?
भारतीय उपभोक्ताओं के लिए इस FTA का सबसे तात्कालिक प्रभाव किराने की दुकानों में देखा जा सकता है। न्यूजीलैंड की सेब और कीवी, जो पहले से ही लोकप्रिय हैं, लेकिन अक्सर महंगे होते हैं, आयात शुल्क में समय के साथ कमी आने से काफी सस्ते होने की संभावना है। इसी तरह न्यूजीलैंड से आयात होने वाली शराब की कीमतों में भी गिरावट आने की उम्मीद है, क्योंकि अगले 10 वर्षों में इस पर शुल्क कम किया जाएगा।
क्षेत्र
भारत को औद्योगिक क्षेत्र में क्या होगा फायदा?
इस FTA का भारतीय औद्योगिक क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। भारत को लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोयला और धातु के स्क्रैप जैसे प्रमुख उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे निर्माताओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह न्यूजीलैंड से भारत में निर्यात होने वाले सभी प्रकार के डेयरी उत्पादों तक भी लोगों की पहुंचा आसान होगी।
लाभ
न्यूजीलैंड को क्या होगा लाभ?
इस मसझौते से न्यूजीलैंड को अपने डेयरी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा। पुनः निर्यात के लिए खाद्य सामग्री को तत्काल शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा, जबकि थोक शिशु फार्मूला और उच्च मूल्य वाले डेयरी उत्पादों पर शुल्क 7 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिए जाएंगे। दूध एल्ब्यूमिन पर शुल्क भी एक विशिष्ट कोटा तहत भीतर कम किया जाएगा। इसका न्यूजीलैंड के साथ भारतीय उपभोक्ताओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।
वीजा
भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा कार्यक्रम शुरू करेगा न्यूजीलैंड
इस FTA के तहत न्यूजीलैंड ने एक अस्थायी वीजा कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय पेशेवरों के लिए रास्ता खोला है। 3 वर्षों के लिए प्रतिवर्ष लगभग 1,667 वीजा जारी किए जाएंगे, जिसमें किसी भी समय अधिकतम 5,000 श्रमिकों की सीमा होगी। न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये) के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हो सकेगी।
व्यापार
व्यापार लक्ष्य और रणनीतिक महत्व
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में लगभग 1.3 अरब डॉलर (करीब 12,000 करोड़ रुपये) का है और समझौते के लागू होने के 5 वर्षों के भीतर इसे बढ़ाकर 5 अरब डॉलर (करीब 46,500 करोड़ रुपये) करने का लक्ष्य है। यह FTA भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उच्च आय वाले प्रशांत बाजार तक पहुंच प्रदान करता है और साथ ही व्यापक ओशिनिया क्षेत्र के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है।