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हाईवे के टोल प्लाजा पर 1 नवंबर से कौन से नियम बदले जाएंगे? जानिए
हाईवे के टोल प्लाजा पर 1 नवंबर से नियम बदले जाएंगे

हाईवे के टोल प्लाजा पर 1 नवंबर से कौन से नियम बदले जाएंगे? जानिए

लेखन गजेंद्र
Oct 29, 2026
08:47 am

क्या है खबर?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 नवंबर से राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर शुल्क को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव रियायती लोकल पास से जुड़ा है। नए नियम के मुताबिक, अब टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के अंदर रहने वाले लोगों को मासिक के साथ सलाना पास की सुविधा मिलेगी, जो पहले केवल मासिक तक सीमित थी। इसके अलावा फास्टैग, बिना भुगतान किए टोल पार करने और बैरियर-रहित टोलिंग से जुड़े नियम भी बदले गए हैं

बदलाव

क्या है बदलाव?

नए नियम के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक अब सालाना 1,500 रुपये या 3,000 रुपये देकर उस टोल प्लाजा से बार-बार गुजर सकते हैं।

पहले केवल मासिक पास की मान्य था, जिसके लिए 360 रुपये चुकाने होते थे। अब सालाना पास बनने से लोगों को सुविधा होगी।

अगर टोल प्लाजा निगम या लोकल टाउन सीमा के बाहर है, तो पास की सालाना फीस 1,500 रुपये, नहीं तो 3,000 रुपये होगी।

सुविधा

कब से मिलेगी सुविधा?

सुविधा लेने के लिए फास्टैग होना जरूरी है। यह सुविधा 1 नवंबर से पात्र टोल प्लाजा पर लागू होगी, लेकिन सालाना पास 1 दिसंबर 2026 से Rajmargyatra ऐप से लिया जा सकेगा।

पुरानी मासिक डिजिटल लोकल पास सुविधा पहले से 121 टोल प्लाजा पर उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस पास से केवल एक ही टोल प्लाजा पर सुविधा मिलेगी।

जिन लोगों के पास फास्टैग नहीं हैं, उन्हें भी सुविधा के लिए फास्टैग उपयोग करना होगा।

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बैरियर

क्या टोल प्लाजा से बैरियर भी हटेंगे?

टोल प्लाजा पर वाहनों को शुल्क का भुगतान करने के लिए बैरियर पर रुकना पड़ता है। फास्टैग से भुगतान के बाद वे आगे बढ़ते हैं।

अब मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) यानी बैरियर-रहित टोल प्रणाली से सड़क के ऊपर लगे कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट पढ़कर फास्टैग से टोल भुगतान स्वीकार करेंगे।

वाहनों को बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा। हालांकि, फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए। यह गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु के कुछ टोल प्लाजा पर शुरू हुआ है।

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